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विश्व सामाजिक न्याय दिवस पर रैयतों का धरना, 150 दिन से जारी है रैयतों का संघर्ष, जानिये क्या है उनकी मांग

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 11, 2026, 11:47:25 AM

बोकारो(BOKARO): 24 सितम्बर 2022  को रेलवे प्रशासन के द्वारा घर तोड़े जाने के विरोध में बोकारो ग्रामीण रैयत अधिकार मोर्चा का अनिश्चितकालीन धरना 150वें दिन भी जारी रहा. धरना के 150वें दिन रैयतों के द्वारा आज विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर एक सभा का आयोजन कर सरकार और रेलवे प्रशासन से न्याय की गुहार लगायी गयी. 

रेलवे प्रशासन ने हमारे घरों तो जमींदोज किया

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ आज पूरे विश्व में सामाजिक अधिकार दिवस का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन हम विस्थापितों को आज के दिन भी अपने अधिकारों को लेकर संघर्ष करना पड़ रहा है. यह इस सरकार की नीति और नीयत को सामने लाता है. सामाजिक अधिकार दिवस के दिन भी हम अपनी जमीन और वजूद की तलाश कर रहे हैं.

रैयतों ने अपने पसीने से सींचा था इस्पात कारखाने को

वक्ताओं ने कहा कि यह उन रैयतों की जमीन थी, जिनके खून-पसीने इस्पात कारखाना को खड़ा किया गया था. सरकार की नीतियों के कारण रैयतों हालत दयनीय हो चुकी है. वह विस्थापित होकर दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. हमारी जिंदगी खुले आसमान के नीचे गुजर रही है. 150 दिनों की अनिश्चितकालीन धरने के बाद भी आज हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं आया. जबकि दूसरी ओर इस्पात कारखाने के दलाल मलाई खा रहे हैं.

रेलवे दिखलाये कागजात

रैयतों ने कहा कि हम एक अंधी और बहरी सरकार के रहमो करम पर जी रहे हैं. यदि यही हाल रहा तो 2024 का रास्ता कठीन होने वाला है, हम तो इंसाफ की मांग कर रहे हैं, यदि रेलवे के पास हमें विस्थापित करने का कोई तर्क है तो वह अपने कागजात के साथ सामने आये, इस बात का साक्ष्य पेश करे कि उसके द्वारा किन-किन रैयतों को भुगतान किया गया है और किन-किन रैयतों की जमीन बगैर किसी मुआवजे के जबरन कब्जा कर लिया गया. रेलवे या तो हमारी जमीन को वापस करें या फिर कागजात पेश करें, नहीं तो इंसाफ मिलने तक रैयत अपना संघर्ष जारी रखेंगे और साथ ही साथ रेलवे को इस जमीन से मलवा हटाने भी नहीं देंगे. यहां बता दें कि 24 सितम्बर 2022 को रेलवे की ओर से इनके घरों को ध्वस्त कर दिया गया था, तब से इन विस्थापितों के द्वारा अनिश्चितकालिन धरना दिया जा रहा है.

मौके पर मदन किस्कू, हसनैन, अरबिंद कुमार, रियाज अंसारी,जमील‌हसन,जमीरुद्दीन अंसारी,सहिरा बीबी, राजु महतो,गुलशन बीबी,आयसा बीबी, सुनिल कुमार, जाफर, इश्तियाक, फिरोज अंसारी, समीम अंसारी, गुलजार अंसारी, हातिम अंसारी, अब्दुल रज्जाक अंसारी, कादिर अंसारी आदि मौजूद‌‌ रहें.

रिपोर्ट: देवेन्द्र कुमार 

Tags:World Social Justice DayRaiyats protestRaiyats protest on World Social Justice Day

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