✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Trending

रेलवे ने चूहों को पकड़ने के लिए तीन साल में खर्च किए 69 लाख रुपए, हर चूहे को पकड़ने में लगे 41 हजार

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 11, 2026, 7:59:15 AM

 

टीएनपी डेस्क(Tnp desk):-चूहे इतने शरारती होते है कि जहां भी रहते हैं, अपनी दांतो से किसी भी चीज को कुतर-कुतर कर बर्बाद कर देते हैं. चाहे घर का सामान हो, खेत में लगी फसल हो या फिर कोई भी जगह हो. इंसान को तो चूहों से परेशानी हो ही जाती है. क्योंकि ये इतना नुकसान पहुंचा देते हैं, कि कभी-कभी तो इसकी भरपाई करना ही मुनासिब नहीं हो पाता. ऐसा ही कुछ भारतीय रेलवे के साथ भी देखने को मिला. जो इन चुहों के के चलते लाखों रुपए खर्च कर दिए, लेकिन नतीजा उनके मुताबिक नहीं आया.

चूहों को पकड़ने के लिए 39 लाख खर्च

चूहों को पकड़ने के लिए उत्तर रेलवे की लखनऊ डिवीजन ने तीन साल में 69 लाख रुपये खर्च कर दिए. हालांकि, पैसा पानी की तरह बहाने के बावजूद चूहों के आंतक से रेलवे को निजात नहीं मिली. दरअसल, ये जानकारी एक आरटीआई दाखिल करने का बाद मिले जवाब पर पता चला . चंद्रशेखर गौर नाम के शख्स ने इस संबंध में जानकारी के लिए आरटीआई के तहत अर्जी दाखिल की थी. इसके बाद ही ये पता चला कि चूहों ने किस कदर नाक में दम करके रेलवे को रखाहै. उत्तर रेलवे की लखनऊ डीविजन ने RTI का जवाब देते हुए बताया है कि 168 चूहों को पकड़ने के लिए 3 साल में 69 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, एक चूहे को पकड़ने के लिए रेलवे का 41 हजार रुपए खर्च हुआ है.

चूहों के साथ मच्छर, कॉकरोच का भी आतंक

सिर्फ चूहें ही नहीं, बल्कि मच्छरों , कॉकरोच भी कोहराम मचाए रखते हैं. इनसे बचाव के उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में हर साल करीब 23.2 लाख रुपये खर्च होते हैं. इसके बावजूद इनसे छुटकारा नहीं मिलता है. चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर चूहों का आतंक से तो हर कोई हलकान है. यहां पर बड़े-बड़े बिल बनाकर चूहे रह रहे हैं, जिसकी वजह से कई बार सिग्नलिंग सिस्टम को भी नुकसान पहुंचता है.  इतना ही नहीं ट्रेनों के कोच में भी आए दिन चूहा, मच्छर, कॉकरोच आदि की शिकायतें आतीं हैं. लखनऊ मंडल में इनके प्रकोप से बचाव के लिए मेसर्स सेंट्रल वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन गोमती नगर को जिम्मेदारी दी गई है.

हर साल 23.2 लाख रुपये खर्च

चूहों को पकड़ने के लिए हर साल 23.2 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं. इस मद के प्रति कोच 94 रुपये मिलते हैं. लिहाजा, लखनऊ मंडल में हर साल 25,000 कोच पर इस राशि को खर्च किया जाता है. कोच के अंदर चूहे, कॉकरोच, मच्छर आदि नहीं आए, इसके लिए स्टेशनों पर कंपनी की ओर से काम करवाए जाते हैं. चारबाग स्टेशन के कर्मचारियों और वेंडरों ने बताया कि चूहों की वजह से दिक्कतें कम नहीं हुई हैं. आए दिन सामान को नुकसान पहुंचाते हैं.

Tags:Railways catch ratsRailways catching ratLucknow division of Northern Railway69 lakh in three years to catch ratsRTI.RTI Lucknow railwaysrat problem railways

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.