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रघुवर दास का प्रमोशन या डिमोशन! क्या पूर्व मुख्यमंत्री को राजनीति के मैदान से बाहर कर दिया गया 

रघुवर दास का प्रमोशन या डिमोशन! क्या पूर्व मुख्यमंत्री को राजनीति के मैदान से बाहर कर दिया गया 

रांची(RANCHI): झारखंड के लोकप्रिय और कड़े तेवर वाले बेहद सक्रिय राजनेता और  पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को राज्यपाल बनाये जाने की ख़बर जैसे ही लोगों को मिली लोग आश्चर्य में पड़ गए. आखिर  क्यों रघुवर दास को भाजपा ने राज्यपाल बना दिया वो भी 24 के चुनाव से महज कुछ महीने पहले. बड़े ही मर्यादित और होशियारी से  रघुवर दास को सीधे राजनीतिक पिच से ही रिटायर कर दिया गया. इसमें कई लोगों के मन में यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या रघुवर दास के लिए ये प्रमोशन है या फिर डिमोशन ! रघुवर दास झारखंड में भाजपा के लिए एक बड़ा चेहरा थे. मुख्यमंत्री बनने से पहले वो कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के पद पर भी वो लंबे समय तक रहे बाद में चुनाव हारने के बादजूद  भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया. भाजपा ने उन्हें तबज्जो देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा लेकिन एकाएक उन्हें सीधे राज्यपाल बना देना कइयों को असमंजस में डाल दिया है. क्या वाकई में रघुवर दास को पार्टी ने सम्मान दिया है या फिर उन्हें बड़े ही होशियारी के साथ सक्रिय राजनीति से किनारा कर दिया या निपटा दिया. इसका जवाब रघुवर या फिर उनके समर्थक ज्यादा बेहतर दे सकते है.

भाजपा के मजबूत और लोकप्रिय नेता माने जाते हैं रघुवार

रघुवर दास झारखंड के पहले मुख्यमंत्री थे जिन्होंने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था. इससे पहले किसी भी मुख्यमंत्री ने झारखंड में पांच साल का कार्यकाल  पूरा नहीं किया था. रघुवर दास जमशेदपुर पूर्वी से चुनाव लड़ते थे. इसी सीट से जीत कर वह मुख्यमंत्री भी बने. इस बीच 2019 के चुनाव में पार्टी के कद्दावर नेता मंत्री सरयू राय का टिकट कट गया,और टिकट काटने का आरोप रघुवर दास पर लगा. जिसके बाद रघुवर दास और सरयू राय में सीधा तकरार दिखा. सरयू राय अपनी सीट छोड़ रघुवर की सीट से निर्दलीय चुनाव लड़े. इस चुनाव में रघुवर दास को शिकस्त मिली. इस चुनाव के हार जाने से रघुवर का कद प्रदेश भाजपा में थोड़ा कम हुआ लेकिन राष्ट्रीय भाजपा के बड़े नेताओं ने रघुवर दास को तब्बजो देते हुए उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया. माना जाता है कि रघुवर दास  भाजपा के अतिप्रभावशाली अमित शाह के काफी चहेते थे शायद यही कारण था कि चुनाव हारने और सूबे में भाजपा की नैया डुबाने का आरोप झेल रहे रघुवर को राष्ट्रीय मंडली में उन्हें उपाध्यक्ष बना दिया गया.

प्रदेश भाजपा में झाविमो प्रमुख बाबूलाल की एंट्री

इस बीच पार्टी में JVM का विलय हुआ. इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की वापसी हो गई. बाबूलाल की वापसी के बाद भाजपा को एक आदिवासी चेहरा मिल गया. क्योंकि पार्टी पर सवाल खड़ा होता था की बाहरी लोगों को जगह दी जाती है. बाद में बाबूलाल को पहले विधायक दल का नेता बनाया गया फिर प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया. लेकिन इस बीच एक चर्चा हमेशा रहती थी की आखिर CM का चेहरा कौन होगा. बाबूलाल या रघुवर दास. 2024 के चुनाव में किस चेहरे के साथ  भाजपा मैदान में होगी ? बाबूलाल जहाँ आदिवासियों के बड़े स्थापित नेता माने जाते है वही वैश्य समुदाय  रघुवर सबसे लोकप्रिय नेता माने जाते रहे हैं. जिसकी संख्या झारखंड में काफी ज्यादा है. आदिवासी नेता के तौर पर बाबूलाल को आदिवासी वोटबैंक में दखल तो है लेकिन झामुमो की पकड़ ज्यादा मजबूत माना जाता है वही भाजपा के लिए वैश्य सबसे बड़ा वोटबैंक माना जाता है और यही समुदाय भाजपा को दुबारा कुर्सी दिला सकता है. लेकिन इस कुनबे पर रघुवर की पकड़ बाबूलाल के तुलना में ज्यादा मजबूत माना जाता है. बाबूलाल  जिस जातीय समीकरण के असमंजस में फसे दिख रहे थे अब  रघुवर के गवर्नर बनते ही ये  साफ हो गया कि झारखंड में बाबूलाल को 2024 के चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी.

भाजपा पिछले कुछ वर्षो से दो धूरियों में बंटी थी

बाबूलाल मरांडी की पार्टी में वापसी के बाद कई बार बात निकल कर यह भी सामने आई की रघुवर और बाबूलाल के बीच दूरियां है. कई बार जमशेदपुर में बाबूलाल कार्यक्रम करने पहुंचे तो रघुवर वहां अनुपस्थिति दिखे है. ऐसे में पार्टी के अंदर आलाकमान भी सोच रही थी की आखिर अब क्या करना है. इस बीच सही समय का इंतजार किया जा रहा था. जैसे ही समय आया रघुवर दास को सम्मान के साथ बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.
हालांकि इसे लोग प्रमोशन मान रहे है तो राजनीति के जानकर इसे  डिमोशन से जोड़ कर देख रहे हैं. रघुवर दास को एक बड़ा संवैधानिक पद दिया गया. सम्मानित तरीके से रघुवर दास को झारखंड से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया गया. भाजपा के इस चाल और रणनीति का क्या असर होगा वो वक्त ही बतायेगा.

Published at:19 Oct 2023 09:30 AM (IST)
Tags:Promotion or demotion of Raghuvar Das! Was the former Chief Minister thrown out of the political arena?Raghuvar dasEx cm.jharkhandOdisha governorJamshedpur mlaRaghuvar raajJharakhandBjpBjp babulalBjp raBjp raghubar dasJharkhand cmModiAmit shahNew governor of odishaRaghubar das cmTrendingNews updateJharkhand update
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