पटना(PATNA): पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है. मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कदमकुआं थाना क्षेत्र के अपर थानाध्यक्ष हेमंत कुमार झा और चित्रगुप्त नगर थाना अध्यक्ष रोशनी कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.एसएसपी पटना ने देर रात यह कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया.जांच में यह स्पष्ट हुआ कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, जिसे गंभीर कर्तव्यहीनता माना गया.
दो थानाध्यक्ष निलंबित
जानकारी के अनुसार, सबसे पहले इसd मामले की सूचना कदमकुआं के अपर थानाध्यक्ष को दी गई थी. इसके बाद चित्रगुप्त नगर थाना अध्यक्ष रोशनी कुमारी भी घटनास्थल पर पहुंची थी. हालांकि, प्रारंभिक जांच और कार्रवाई में भारी लापरवाही सामने आई.विस्तृत जांच के बाद दोनों अधिकारियों पर लगे आरोप सही पाए गए, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया.गौरतलब है कि चित्रगुप्त नगर थाना अध्यक्ष रोशनी कुमारी विशेष जांच दल (SIT) की सदस्य भी है, इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, जिससे पुलिस प्रशासन की सख्ती का संकेत मिलता है.
एफएसएल रिपोर्ट के बाद जांच और तेज
इस मामले में पटना पुलिस ने एक और बड़ा फैसला लिया है.एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों से मेल के स्पर्म पाए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया है. रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने डीएनए प्रोफाइलिंग कराने का निर्णय लिया है.पटना पुलिस के अनुसार, अब तक गिरफ्तार अभियुक्तों के साथ-साथ SIT टीम द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के डीएनए सैंपल लिए जाएंगे और उनका मिलान एफएसएल रिपोर्ट से किया जाएगा. पुलिस का मानना है कि डीएनए जांच से इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी.
अब तक की सबसे निर्णायक कार्रवाई
पटना पुलिस के इस फैसले को अब तक की सबसे निर्णायक कार्रवाई माना जा रहा है.प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि इस संवेदनशील मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही या अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
