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अब सर्वोच्च अदालत में होगा India: the Modi Question के लिंक को सोशल साइट से ब्लॉक करने पर फैसला 

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 4:47:15 AM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): देश की सर्वोच्च अदालत ने प्रधानमंत्री मोदी पर आधारित बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री सीरीज India: the Modi Question को ब्लॉक करने पर केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया है, साथ ही डॉक्यूमेंट्री को पब्लिक डोमेन से हटाने के आदेश के मूल रिकॉर्ड की मांग की है. 
यहां बता दें कि बीबीसी ने एक सीरीज का प्रकाशन किया था, जिसमें तब के मुख्यमंत्री के रुप में गुजरात दंगों के दौरान मुख्यमंत्री मोदी की भूमिका की जांच की गयी थी.

सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के डॉक्यूमेंट्री के लिंक को ब्लॉक किया गया था 

बीबीसी के द्वारा इस संबंध में डॉक्यूमेंट्री प्रकाशन के बाद केन्द्र सरकार के द्वारा इस डॉक्यूमेंट्री के लिंक को सोशल मीडिया साइट से हटा दिया गया था. 21 जनवरी को  केन्द्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत आपातकालीन प्रावधानों का उपयोग करते हुए "इंडिया: द मोदी क्वेश्चन" के लिंक को YouTube और ट्विटर पोस्ट से ब्लॉक करने आदेश जारी किया गया था. अब एक याचिका दायर कर केन्द्र सरकार की इसी आपातकालीन शक्तियों के इस्तेमाल को चुनौती दी गयी है.  

प्रशांत भूषण और महुआ मोइत्रा के द्वारा दायर की गयी है याचिका 

पत्रकार एन राम, जाने माने वकील प्रशांत भूषण और तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा की ओर से सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर कर इस आदेश को चुनौती दी गयी है, जबकि इसी संबंध में  दायर एक दूसरी याचिका में वकील एमएल शर्मा ने कहा है कि इसके पहले केन्द्र ने कभी भी इस ब्लॉकिंग की शक्ति को प्रचारित नहीं किया, वृत्तचित्र पर प्रतिबंध लगाना "दुर्भावनापूर्ण, मनमाना और असंवैधानिक" है.

प्रतिबंध के बावजूद हुआ था सार्वजनिक स्क्रीनिंग

यहां बता दें कि प्रतिबंध के बावजूद भी महुआ मोइत्रा सहित कई विपक्षी दलों के  नेताओं द्वारा इसका सार्वजनिक स्क्रीनिंग किया गया. स्क्रीनिंग का आयोजन करने की अनुमति नहीं दिये जाने पर कई स्थानों पर पुलिस के साथ मुठभेड़ की स्थिति भी बनी. कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया 

सरकार का दावा यह प्रचार का टुकड़ा 

जबकि सरकार की  ओर से इस वृत चित्र को "प्रचार का टुकड़ा" बताया गया है, जिसमें निष्पक्षता का अभाव है और यह एक औपनिवेशिक मानसिकता को दिखलाता है. फरवरी 2002 गुजरात में भड़के दंगें में गुजरात के मुख्यमंत्री रहे पीएम मोदी की संलिप्ता के कोई साक्ष्य नहीं मिले थें.

रिपोर्ट: देवेन्द्र कुमार 

Tags:Supreme Court will decide on blocking the link of IndiaModipm modi

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