Patna News : इस बार गर्मियों में राजधानी पटना के लोगों को बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की परेशानी से काफी हद तक राहत मिलने वाली है. बढ़ती गर्मी और बिजली की लगातार बढ़ती खपत को देखते हुए विद्युत विभाग ने एक मजबूत और दूरदर्शी मास्टर प्लान तैयार किया है. इसके तहत शहर में 18 नए पावर सब-स्टेशन (PSS) का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है.
हर साल मई-जून में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाती है. ऐसे में ट्रांसफॉर्मर पर दबाव बढ़ने से ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन आम बात हो जाती है. लेकिन इस बार विभाग ने पहले से ही तैयारी कर ली है ताकि 1000 मेगावाट (1000 MW) से ज्यादा खपत होने पर भी सप्लाई बाधित न हो.
पेसू (पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग) के जीएम दिलीप सिंह के अनुसार, “शहर में लगातार बढ़ रहे बिजली लोड को ध्यान में रखते हुए आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत मेंटेनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड का काम तेजी से किया जा रहा है. हमारा लक्ष्य है कि उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के बिजली मिले, खासकर पीक समर सीजन में.”
18 लोकेशन पर तेजी से चल रहा काम
राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में इन नए सब-स्टेशनों का निर्माण लगभग पूरा होने की कगार पर है. जिन प्रमुख इलाकों में ये प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उनमें रानीपुर, नंदलाल छपरा, कोथवां, डीपीएस मोड़, विद्युत भवन (एमएलए फ्लैट के पास), बहादुरपुर, आनंद बाजार, दानापुर प्रखंड कार्यालय के आसपास, पहाड़ी, भगवतीपुर, नौसा और बैरिया जैसे क्षेत्र शामिल हैं. विभाग का कहना है कि अगले 2-3 महीनों में इन सभी सब-स्टेशनों को चार्ज कर चालू कर दिया जाएगा.
बढ़ेगी सप्लाई क्षमता, घटेगी परेशानी
इन सभी 18 नए सब-स्टेशनों में 10-10 एमवीए के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जा रहे हैं. इसका सीधा मतलब है कि पेसू क्षेत्र में कुल 360 एमवीए (360 MVA) अतिरिक्त सप्लाई क्षमता जुड़ जाएगी. अभी पटना में 84 पावर सब-स्टेशनों से बिजली आपूर्ति हो रही है, लेकिन बढ़ती आबादी और बिजली उपकरणों के उपयोग के कारण मांग तेजी से बढ़ रही है.
विभाग के मुताबिक, इस साल गर्मियों में बिजली की खपत 1000 मेगावाट के पार जाने का अनुमान है. ऐसे में नई व्यवस्था से न सिर्फ लोड मैनेजमेंट बेहतर होगा, बल्कि ओवरलोडिंग की वजह से होने वाली तकनीकी दिक्कतें भी कम होंगी.
हीट वेव में भी नहीं होगा ‘ब्लैकआउट’
बिहार में पिछले कुछ वर्षों में हीट वेव का असर काफी बढ़ा है. ऐसे में लगातार बिजली सप्लाई बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है. लेकिन इस बार विभाग का दावा है कि नए सब-स्टेशन और अपग्रेडेड सिस्टम की मदद से हीट वेव के दौरान भी बिजली गुल होने की स्थिति नहीं बनेगी.
कुल मिलाकर, यह पहल पटना के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चलता है, तो इस बार गर्मियों में पटना के लोगों को पंखा, कूलर और एसी बिना किसी रुकावट के चलाने का मौका मिलेगा और वो भी बिना ट्रिपिंग (Taiping) और ब्रेकडाउन (Breakdown)की टेंशन के.