टीएनपी डेस्क (TNP DESK): NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानि कि CBI को लगातार नए सुराग मिल रहे हैं. इसी सिलसिले में एजेंसी ने पुणे से गिरफ्तार फिजिक्स शिक्षिका मनीषा हवलदार के घर पर छापेमारी की, जहां से कई अहम जानकारियां मिली हैं. जांच एजेंसियों को अब इस मामले में बड़े और संगठित नेटवर्क की आशंका नजर आ रही है.
सूत्रों के मुताबिक जांच में यह बात सामने आई है कि मनीषा हवलदार ने कथित तौर पर हाथ से फिजिक्स के प्रश्न तैयार किए थे.एजेंसियों को शक है कि बाद में सबूत मिटाने के इरादे से इन दस्तावेजों को नष्ट कर दिया गया.अब CBI यह पता लगाने में जुटी है कि ये प्रश्न किन लोगों तक पहुंचाए गए और इस पूरे रैकेट में कितने लोग शामिल थे.
जांच के दौरान सबसे बड़ा सुराग मनीषा हवलदार के पति के मोबाइल फोन से मिला. अधिकारियों को मोबाइल में “GOD” नाम से सेव एक नंबर मिला है, जिसने जांच को नई दिशा दे दी है. इस नंबर से हुई बातचीत और चैट अब एजेंसियों की जांच के केंद्र में हैं. CBI यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह व्यक्ति कौन है और पेपर लीक मामले में उसकी क्या भूमिका रही है.
सूत्रों का कहना है कि एजेंसियों को आशंका है कि “GOD” नाम से सेव व्यक्ति इस पूरे नेटवर्क का बड़ा संचालक हो सकता है. इसी वजह से अब जांच का फोकस इस नंबर और उससे जुड़े संपर्कों पर बढ़ गया है.
CBI को यह भी जानकारी मिली है कि मोबाइल फोन से कई चैट, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट किए गए थे. हालांकि, जांच एजेंसियां डिजिटल फॉरेंसिक तकनीक की मदद से इन डिलीट किए गए डेटा को दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रही हैं.अधिकारियों का मानना है कि इन रिकॉर्ड्स से मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण राज सामने आ सकते हैं.
CBI के अनुसार मनीषा हवलदार पुणे के Seth Hiralal Saraf Prashala में फिजिक्स की शिक्षिका थीं और उन्हें NTA की ओर से NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में फिजिक्स एक्सपर्ट के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी. जांच में आरोप लगा है कि उन्होंने परीक्षा से पहले कुछ प्रश्न सह-आरोपी मनीषा मंधारे को भेजे थे, जो बाद में असली प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए.
अब तक इस मामले में 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गिरफ्तारियां दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक, लातूर और अहिल्यानगर सहित कई शहरों से की गई हैं. CBI ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक दस्तावेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं.
जांच एजेंसियों का दावा है कि छात्रों से मोटी रकम लेकर “स्पेशल कोचिंग” और “गुप्त तैयारी” के नाम पर प्रश्न साझा किए जाते थे. CBI का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में इस रैकेट से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं.