औरंगाबाद (AURANGABAD): औरंगाबाद को नक्सल प्रभावित जिले का दर्जा प्राप्त है. कई बड़े नरसंहार इसके गवाह हैं. यहां लगातार नक्सलियों के विरुद्ध छापेमारी हो रही है. खुद के खिलाफ चल रहे सर्च ऑपरेशन पर नजर रखने के लिए अब माओवादी ड्रोन का सहारा ले रहे हैं. यह खुलासा औरंगाबाद पुलिस ने की.अति नक्सल प्रभावित मदनपुर थाना क्षेत्र के दुर्गम जंगली पहाड़ी क्षेत्रों में चलाये गये सर्च ऑपरेशन के दौरान आपत्तिजनक सामानों की बरामदगी हुई है.
पुलिस कप्तान कांतेश कुमार मिश्रा ने प्रेसवार्ता में बताया कि खुफिया इनपुट मिला कि मदनपुर थाना क्षेत्र में डोभा, कसमर स्थान, बंदी, मोरवा, बिदाई नगर, निमिया बथान एवं आसपास के इलाकों में नक्सली सुरक्षा बलों पर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं. इस सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक(अभियान) मुकेश कुमार और 205 कोबरा वाहिनी के उप समादेष्टा, सीआरपीएफ की 47वीं वाहिनी एवं स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इन इलाकों के जंगली क्षेत्रों में नक्सलियों के विरूद्ध संयुक्त सर्च अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान दवाएं, खाद्य सामग्री, एक पीस काले रंग की नक्सल डॉंग्री, 14 मीटर काला कपड़ा, दैनिक उपयोग की क्स्तुएं एवं 70 पीस नक्सल बैज बरामद किया गया. जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया.
11 नामजद एवं 10-15 अज्ञात नक्सलियों पर मामला दर्ज
इसके अलावा एक पीस ड्रोन मेक मोविक-2, 15 पीस मोटोरोला सेट, नियर विजन टेस्ट किट एवं नक्सली साहित्य बरामद किया गया. इस मामले में भादवि की धारा 13, 16, 18, 20 एवं यूएपीए एक्ट के तहत मदनपुर थाना में कांड संख्या-459/22 दर्ज किया गया है. प्राथमिकी में 11 को नामजद एवं 10-15 अज्ञात नक्सलियों को आरोपी बनाया गया है. एसपी ने कहा कि लगातार चलाये जा रहे छापेमारी अभियान से नक्सलियों का मनोबल काफी गिरा हुआ है और नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए छापेमारी अभियान जारी है. इस छापेमारी में ड्रोन की बरामदगी से साफ है कि नक्सली खुद की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पुलिस की गतिविधियों पर निगाह रखने के लिए ड्रोन का सहारा ले रहे हैं.