✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Trending

नवरात्र: चौथी नवरात्रि आज, पेठे के भोग से मां कूष्मांडा को करें प्रसन्न, जीवन से अंधकार और रोग-दुखों का होगा नाश

BY -
Shivani CE
Shivani CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 11:54:32 AM

टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : कहा जाता है कि, जब सृष्टि के आरंभ होने पर चारों ओर अंधकार ही अंधकार फैला था. ऐसे में मां कूष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से अंधकार का विनाश कर सृष्टि में प्रकाश फैलाया था. साथ ही प्रकाश फैलते ही इस सृष्टि ने सांस लेना शुरू किया था. 3 अक्टूबर से शुरू हुए शारदीय नवरात्रि का आज चौथा दिन है. आज माता दुर्गा के चौथे रूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है. मां कूष्मांडा पूरे ब्रह्मांड की रक्षा करती है. ऐसे में आज मां कूष्मांडा की पूजा करने से सारे रोग, दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं.

मां कूष्मांडा का स्वरूप

आठ भुजाओं वाली मां कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है. इनके साथ हाथों में क्रमशः चक्र, गदा, धनुष, बाण, कमल, कमंडल, अमृकपूर्ण कलश, और एक हाथ में सभी सिद्धि-निधि वाली जप माला है. माता हरे रंग के वस्त्र में सिंह की सवारी पर दर्शन देती है. माता का स्वरूप बेहद शांत और सौम्य है. 

मां कूष्मांडा की पूजा का महत्व

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा पूरे विधि-विधान और सच्चे मन से करने पर साधक यानी भक्त को मां कूष्मांडा की विशेष कृपा मिलती है. यश, धन-दौलत, बुद्धि और जीवन में सभी कष्टों से लड़ने की ताकत मिलती है. जीवन से सारे अंधकार दूर कर माता भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं.

ऐसे करें मां को प्रसन्न

जैसा कि मां कूष्मांडा का स्वरूप बेहद शांत और सौम्य है, ऐसे में माता की पूजा शांत वातावरण और शांत मन से करनी चाहिए. कूष्माण्डा का अर्थ होता है कुम्हड़ा. ऐसे में माता कूष्मांडा की पूजा करते वक्त माता को भोग में पेठा, दही और हलवा चढ़ाने से माता प्रसन्न होती है. कहा जाता है कि इन सबके अलावा माता को मालपुआ भी बेहद पसंद है. साथ ही हरे या नीले रंग के वस्त्रों में जो भक्त मां की पूजा करते हैं और इन चीजों का भोग चढ़ते हैं उन पर मां अपनी कृपा सदेव बनाएं रखती है.  

इस मंत्र का करें जाप

“या देवी सर्वभू‍तेषु मां कूष्‍मांडा रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।  

इस मंत्र का जाप करने के साथ-साथ 108 बार ‘ॐ कूष्मांडा देव्यै नमः’ का जाप करना चाहिए. इससे मन शांत और बुद्धि-विवेक का विकास होता है.

Tags:goddess kushmandakushmanda devigoddess kushmanda mantrakushmanda mantragoddess kushmanda devi mantragoddess kushmanda chanting 108 timesदेवी कूष्मांडाकूष्मांडा देवीदेवी कूष्मांडा मंत्रकूष्मांडा मंत्रदेवी कूष्मांडा देवी मंत्रदेवी कूष्मांडा का 108 बार जापnavratrinavratri day 4navratri 2024navratri 4 dayshardiya navratri 2024navratri day 4 mantranavratri songsshardiya navratrinavratri fourth day puja vidhinavratri 4th day aartiनवरात्रिनवरात्रि का चौथा दिननवरात्रि 2024चौथे दिन की नवरात्रिशारदीय नवरात्रि 2024नवरात्रि के चौथे दिन का मंत्रनवरात्रि के गीतशारदीय नवरात्रिनवरात्रि के चौथे दिन की पूजा विधिनवरात्रि के चौथे दिन की आरती

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.