मुजफ्फरपुर(MUZAFFARPUR):बिहार के मुजफ्फरपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत, समाज और पंचायत व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए है. यहां एक लड़की ने अपनी पसंद से प्रेम विवाह क्या किया, गांव वालों ने उसे जीते-जी ‘मरा हुआ’ घोषित कर दिया. पंचायत के फरमान पर परिवार ने अपनी ही बेटी की अर्थी निकाली, गांव में शव यात्रा घुमाई और फिर श्मशान घाट में उसका सांकेतिक दाह संस्कार कर दिया.
पढ़िए कहां का है पूरा मामला
पूरा मामला मड़वन प्रखंड के एक गांव का है.बताया जा रहा है कि गांव की एक युवती अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई थी. परिवार ने इसे लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराई.पुलिस ने युवती को खोज निकाला और कोर्ट में पेश किया. वहां युवती ने साफ कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से शादी की है. उसने अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई.कोर्ट ने भी युवती की इच्छा को मानते हुए उसे उसके ससुराल भेज दिया.
पंचायत ने सुनाया तुगलकी फरमान
लेकिन गांव की पंचायत को यह रिश्ता मंजूर नहीं था.पंचायत ने लड़की के परिवार के सामने ऐसा फरमान रख दिया, जिसने सबको हैरान कर दिया. कहा गया कि अगर परिवार को समाज में रहना है, तो बेटी से हमेशा के लिए रिश्ता तोड़ना होगा.पंचायत के दबाव में परिवार टूट गया और फिर गांव में वो हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.
जीते जी परिवार ने कर दिया बेटी का अंतिम संस्कार
ग्रामीणों के अनुसार लड़की की तस्वीर लगाकर एक सांकेतिक शव तैयार किया गया.उसे अर्थी पर लिटाया गया और पूरे गांव में शव यात्रा निकाली गई. जहां मंत्रोच्चारण के बीच पुतले का दाह संस्कार कर दिया गया. इतना ही नहीं, परिवार ने बेटी को कागजों और सामाजिक रिश्तों में भी मृत मान लिया.