बगहा(BAGAHA): बगहा में आदमखोर बाघ के हमले से 12 साल की बच्ची की मौत हो गई. बच्ची घर में सोई हुई थी. रात में करीब 12:00 बजे बाघ ने उस पर हमला किया. बाघ बच्ची को जबड़े में दबाकर ले जा रहा था. इससे बच्ची चीखने लगी. चीख की आवाज सुनकर जब भीड़ बाघ के पीछे दौड़ने लगी तो शव को छोड़कर बाघ भाग निकला. इस बाघ ने पिछले 9 महीने में यह सातवां शिकार किया है. इसमें 6 लोगों की मौत हो गई. वन विभाग की 400 लोगों की टीम 25 दिनों से बाघ को पकड़ने में लगी है. मामला बगही पंचायत के सिंगाही गांव के मुस टोली का है.
तेज बारिश के कारण शव को ढूंढने में हुई परेशानी
बच्ची के पिता रामाकांत माझी ने बताया कि घर में एक खाट पर बेटी और लोग सोए हुए थे. दूसरे खाट पर तीन लोग सो रहे थे. बाघ मच्छरदानी फाड़ते हुए बच्ची को ही उठा ले गया. पहले तो बाघ ने उसे उठाया, फिर छोड़ दिया. थोड़ी देर बाद वह फिर आया और बच्ची को उठाकर ले गया. वह चिल्ला रही थी. बचाने की गुहार लगा रही थी. लेकिन, हमारी आंखों के सामने ही बाघ ने उसे मार दिया. वह बहुत बड़ा था. इसके बाद गांव के लोग इकट्ठा हुए. वन विभाग के लोग भी आ गए थे. तेज बारिश की वजह से शव को ढूंढने में परेशानी हुई. हम खेत में गए तो बाघ डर से शव छोड़कर भाग निकला. बच्ची की गर्दन और हाथ पर घाव के निशान थे. लड़की के शव को फिलहाल पोस्टमार्टम के लिए बगहा सदर अस्पताल लाया गया है. इस प्रकार आदमखोर बाघ ने अब तक 6 लोगों की जान ली है. पिछले महीने में बाघ ने लगातार दो लोगों को मारा था.
विशेषज्ञों का मानना है कि बाघ की जो टेरिटरी है. उस क्षेत्र में कोई बड़ा बाघ है जिसके डर वह अंदर नहीं जा रहा है.
400 लोगों लगाया गया बाघ के रेस्क्यू में
बाघ का रेस्क्यू आज लगातार 25 दिनों से चल रहा है. इस काम में पहले 75 लोगों को लगाया गया था. लेकिन, जैसे-जैसे बाघ चकमा देने लगा, मैन पावर की संख्या बढ़ती गई. फिलहाल 400 लोग इस काम में लगाए गए हैं. इनमें लगभग 250 वन कर्मी स्थानीय है, जिन्हें वन विभाग ने संविदा पर बहाल किया है. इतने बड़े पैमाने पर मानव बल लगाने के बावजूद नरभक्षी बाघ बीते 24 दिनों से वन कर्मियों को चकमा दे हमेशा अपना लोकेशन बदलता जा रहा है. इधर, लगातार हो रही बारिश के कारण ट्रैकिंग व रेस्क्यू में काफी परेशानी हो रही है.
