टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड सरकार ने मद्य एवं उत्पाद विभाग में व्यापक स्तर पर तबादला करते हुए नई पोस्टिंग की अधिसूचना जारी की है. इस बदलाव में सहायक आयुक्त, अधीक्षक और निरीक्षक स्तर के कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
जारी आदेश के अनुसार, गजेंद्र कुमार सिंह को संयुक्त आयुक्त उत्पाद, रांची नियुक्त किया गया है. वहीं उमाशंकर सिंह को बोकारो से स्थानांतरित कर सहायक आयुक्त उत्पाद, रांची की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा संजय कुमार मेहता को मुख्यालय से हटाकर बोकारो में सहायक आयुक्त उत्पाद के पद पर भेजा गया है.
जिलों में बड़े पैमाने पर तबादले
राज्य सरकार ने कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों का स्थानांतरण किया है. अरविंद कुजूर को पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) से रामगढ़ भेजा गया है. वहीं अरुण कुमार मिश्र को रांची से पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) स्थानांतरित किया गया है. सुनील कुमार चौधरी को हजारीबाग में सहायक आयुक्त उत्पाद बनाया गया है. इसके अलावा रामलीला रवानी को धनबाद से हटाकर दुमका में प्रभारी उपायुक्त उत्पाद के रूप में पदस्थापित किया गया है.
राकेश कुमार को प्रभारी उपायुक्त उत्पाद (मुख्यालय), रांची की जिम्मेदारी दी गई है. मनोज कुमार को प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद (मुख्यालय), रांची बनाया गया है. वहीं अजय कुमार गोंड को धनबाद में प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद के पद पर नियुक्त किया गया है, साथ ही उन्हें अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है.
अधीक्षक स्तर पर भी कई तबादले किए गए हैं. जितेंद्र कुमार को साहेबगंज से पाकुड़ भेजा गया है. आशुतोष कुमार को पाकुड़ से मुख्यालय ईआईबी में प्रभारी अधीक्षक बनाया गया है. शैलेंद्र कुमार को सिमडेगा से कोडरमा स्थानांतरित किया गया है. वहीं शिव कुमार साहू को हजारीबाग से गिरिडीह भेजा गया है. विमला लकड़ा को रामगढ़ से देवघर और क्षितिज विजय मिंज को गुमला से सरायकेला-खरसावां भेजा गया है.
निरीक्षक स्तर पर भी कई अहम बदलाव हुए हैं. संजय कुमार श्रीवास्तव को देवघर से दुमका, प्रेम प्रकाश उरांव को जमशेदपुर से चतरा, रंजन तिवारी को लातेहार से चाईबासा और संजीत कुमार देव को पलामू से गढ़वा भेजा गया है. वहीं प्रवीण कुमार राणा को साहेबगंज से गोड्डा स्थानांतरित किया गया है.
इसके अलावा भी कई अधिकारियों को विभिन्न जिलों और कार्यालयों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. सरकार का मानना है कि इस बड़े पैमाने पर किए गए फेरबदल से विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी.