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पश्चिम बंगाल के अयोध्या पहाड़ पर प्रभु राम ने किया था ढाई दिनों तक वास! पढ़ें सीता कुंड का इतिहास जहां माता सीता ने बुझाई थी प्यास  

BY -
Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 3:12:36 PM

पश्चिम बंगाल(WEST BANGAL):पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में स्थित अयोध्या पहाड़ भले ही एक बड़े टूरिस्ट स्थल के रूप मे जाना जाता हो, भले ही यहां की वादियां, यहां के हरे भरे जंगल और झरने आनेवाले लोगों का मन मोह लेते हों, पर इस स्थल पर मौजूद सीताकुंड और यहां स्थापित भगवान श्री राम का मंदिर पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ता, ऐसे तो भगवान श्रीराम और उनसे जुड़ी कई कथाओं का वर्णन देव ग्रंथों में विस्तार से मिलता है. उन्हीं कथाओं में से एक ऐसी भी कथा है, जब 14 वर्षों के वनवास के दौरान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ पुरुलिया जिले में स्थित इन घने जंगलों और पहाड़ों के बीच पहुंचे, तो माता सीता को प्यास लगी, ऐसे में लक्षमण ने माता सीता की प्यास बुझाने के लिये पानी की तलाश में पूरा जंगल छान मारा, लेकिन पानी नहीं मिला, जिसके बाद प्रभु श्री राम ने अपनी धनुष और तीर निकाली और धरती मे तीर चला दी, जिसके बाद धरती से पानी का स्त्रोत बाहर निकलने लगा और माता सीता ने उस पानी को पीकर अपनी प्यास बुझाई.

पश्चिम बंगाल के अयोध्या में प्रभु राम ने किया था ढाई दिनों तक वास

जिस स्थल को लोग सीता कुंड के नाम से जानते और पहचानते हैं, वहीं उस समय ना तो जंगल और पहाड़ की कोई पहचान या नाम थी, इस लिए लोग उस पहाड़ और जंगल को अयोध्या पहाड़ के नाम से जानने लगे, भगवान श्रीराम ने यहां ढाई दिनों तक वास किया था.यहां के लोगों का मानना है कि इस इलाके मे भी भगवान श्री राम रहे हैं, यह भी उनका घर है. इस लिए इस स्थल को भी लोग अयोध्या के नाम से ही जानेंगे और पहचानेंगे, यहां तक की इस इलाके के रहने वाले लोगों की भगवान श्रीराम के प्रति इतनी श्रद्धा है कि उन्होंने इस स्थल पर एक विशाल मंदिर भी बनवाया है, जिस मंदिर मे भगवान श्री राम के साथ -साथ माता सीता और लक्षमन भी एक साथ विराजमान हैं.

सीता कुंड में कभी भी पानी कम नहीं होता है और यहां का पानी कभी सूखता नहीं है

आपको बताये कि सीता कुंड में कभी भी पानी कम नहीं होता है और यहां का पानी कभी सूखता नहीं है. हर साल बुद्ध पूर्णिमा के दिन जनजाति से शिकारी सैकड़ो की तादाद में सीता कुंड पहुंचते हैं, और इस कुंड के पानी को ग्रहण करते हैं. यहां स्थित राम मंदिर में 365 दिन दीप प्रज्वलित रहता है. प्रभु श्रीराम की पूजा अर्चना होती है, वहीं अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर इस मंदिर मे सुबह से ही प्रभु श्री राम की पूजा के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है.पूरे मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया है, इलाके के लोग रामलला के आगमन की ख़ुशी में दीवाली मना रहे हैं भोग चढ़ाया जा रहा है.

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