छपरा(CHAPRA): पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में शराब तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर शराब तस्करी के धंधे में लगे हुए हैं. तमाम दावों और कार्रवाइयों के बावजूद शराबबंदी वाले बिहार में इसकी तस्करी के मामले थमते नहीं दिख रहे. शराब के इस अवैध कारोबार के फलने-फूलने में इससे जुड़े धंधेबाजों के पुलिस संरक्षण और सांठ-गांठ के आरोप लगते रहे हैं. लेकिन इसी क्रम में सारण जिला उत्पाद विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करके भारी मात्रा में उत्तरप्रदेश से तस्करी कर लाई जा रही शराब से भरी 2 कार सहित 3 तस्करों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है. शराब तस्कर द्वारा जांच एजेंसियों को धोखा देने के लिए कार के बैकलाइट के पीछे गुप्त तहखाना बनाकर और पीछे की सीट के बैकरेस्ट में भारी मात्रा शराब की बड़ी खेप छुपाकर रखी गई थी.

बरामद शराब का बाज़ार मूल्य लगभग 4 लाख
सारण जिला उत्पाद अधीक्षक रजनीश ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर उत्तरप्रदेश को जोड़ने वाले मांझी पुल पर जांच के दौरान 2 कारों की जांच की गई. उन दोनों कारों के बैकलाइट और बैकसीट के बैकरेस्ट के अंदर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब छुपाई हुई मिली. बरामद शराब का बाज़ार मूल्य लगभग 4 लाख रुपये के आसपास है. दोनों कार के साथ साथ 3 तस्करों की भी गिरफ्तारी की गई है.