रोहतास(ROHTAS): रोहतास जिले के चेनारी में बिहार सरकार के तीन मंत्रियों ने मोबाइल की रोशनी में सभा की, जो चर्चा का विषय बना हुआ है. यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है. चेनारी के स्थानीय कांग्रेस विधायक और बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम, पिछड़ा अति पिछड़ा कल्याण मंत्री अनीता देवी और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमां खान ने मोबाइल की रोशनी में सभा को संबोधित किया था.
दरअसल, चेनारी के डाक बंगला मैदान में इन मंत्रियों के स्वागत के लिए अभिनंदन कार्यक्रम रखा गया था. चूंकि कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को दिन में ही था, लेकिन लेटलतीफी के कारण विलंब हो गया और बारी-बारी से मंत्री गण देर शाम तक पहुंचे. सभा काफी देर तक चली, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर लाइट की व्यवस्था नहीं की गई थी. ऐसे में मंच पर मौजूद नेता और मैदान में खड़े समर्थक मोबाइल की रोशनी जलाकर पूरे कार्यक्रम में शामिल हुए.
मंच संचालन में स्थानीय नेताओं में तू-तू मैं-मैँ की भी स्थिति देखने को मिली
इस कार्यक्रम में करगहर के कांग्रेस विधायक संतोष मिश्रा भी उपस्थित थे. सवाल उठता है कि बिहार सरकार के तीन-तीन मंत्री नक्सल प्रभावित इलाके में रात के अंधेरे में मोबाइल की रोशनी के बीच किस प्रकार से सुरक्षा के तमाम मापदंडों को ताक पर रखकर सभा करते रहें? बता दें कि पूरा इलाका नक्सल प्रभावित रहा है और यह इलाका कैमूर पहाड़ी की तलहटी का क्षेत्र है. बता दें कि माह पूर्व ही इनामी नक्सली और सेंट्रल कमिटी का सदस्य विजय आर्या की गिरफ्तारी हुई थी.
इन दिनों पहाड़ी क्षेत्रों में नक्सल गतिविधि भी तेज हुई है. जिसको लेकर NIA की भी छापेमारी हुई है. ऐसे विकट परिस्थिति में बिहार सरकार के तीनो मंत्री अंधेरे में खुले मैदान में सभा करते रहे, जो सुरक्षा के तमाम मापदंडों के साथ खिलवाड़ तो है ही, शुक्र है सब शांति रहा. नहीं तो प्रशासन के लिये भी दिक्कत हो सकती थी.