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जानिए रेलवे में टिकट रिफंड के नियमों में क्या हुआ है बदलाव

BY -
Vinita Choubey  CE
Vinita Choubey CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 1:44:43 PM

टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : रेलवे यात्रियों के लिए जरूरी खबर है. रेलवे से हर रोज़ लाखों यात्री सफ़र करते हैं, लेकिन अगर यात्रा से ठीक पहले टिकट रद्द करवाना पड़े, तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि कितना रिफंड मिलेगा? अभी तक ट्रेन का चार्ट ट्रेन छूटने से लगभग 4 घंटे पहले तैयार होता है, जिससे प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को आखिरी समय तक इंतज़ार करना पड़ता है. लेकिन नई व्यवस्था के तहत, चार्ट 24 घंटे पहले तैयार होगा, जिससे यात्रियों को एक दिन पहले ही पता चल जाएगा कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं. इससे न सिर्फ़ यात्रा की योजना बनाना आसान होगा, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर समय रहते टिकट रद्द कराने का भी मौका मिलेगा. नए नियम के तहत अब ट्रेन का चार्ट 24 घंटे पहले तैयार किया जाएगा. यह व्यवस्था अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत चल रही है, लेकिन अगर यह सफल रही, तो जल्द ही इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है.

रिफंड के नए नियम क्या होंगे?

अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 48 घंटे से 12 घंटे पहले कन्फर्म टिकट रद्द करता है, तो किराए का 25% हिस्सा काट लिया जाता है. अगर टिकट 12 घंटे से 4 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है, तो कटौती ज़्यादा होती है और अगर चार्ट बनने के बाद टिकट कैंसिल किया जाता है, तो रिफंड नगण्य होता है. अब अगर चार्ट 24 घंटे पहले तैयार हो जाता है, तो यात्रियों को आखिरी समय में कैंसिलेशन से बचने और रिफंड पाने का बेहतर मौका मिलेगा.

कोच के हिसाब से भी अलग-अलग होता है रिफंड

  • हर कोच का किराया अलग-अलग होता है, इसलिए रिफंड कटौती भी उसी के अनुसार तय होती है.
  • एसी कोच का टिकट महंगा होता है, इसलिए कैंसिलेशन पर ज़्यादा राशि कटती है.
  • स्लीपर या जनरल कोच में टिकट सस्ते होने के कारण कटौती कम होती है.
  • दूसरी ओर, अगर वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं होता है, तो उसे कैंसिल करने पर लगभग पूरी राशि वापस मिल जाती है.

समझिए यात्रियों को क्या होगा फायदा?

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को जल्दी पता चल जाएगा कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं, जिससे वे अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकेंगे और समय पर कैंसिलेशन कराकर रिफंड पा सकेंगे. यह नई व्यवस्था यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही है और उम्मीद है कि इससे रिफंड से जुड़ी असुविधाएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी.

 

 

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