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जानिए क्या हुआ जब एक 'शिष्य' ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा "मेरे गुरु को ही परमात्मा माने पूरा भारत "

BY -
Padma Sahay
Padma Sahay
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 1:54:11 AM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): सोमवार का दिन सुप्रीम कोर्ट के लिए बाद ही अजीब रहा. यह एक शख्स जनहित याचिका का प्रयोग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपना एक पक्ष रखा जो की बहुत ही अजीब था. याचिककर्ता के अनुसार वह अपने धर्म गुरु को पूरे देश के लिए परमात्मा मानने की गुहार लगते हुए याचिका दायर किया. अपने आप में ये अनोखा मामला को देख सुन जज भी हैरान रह गए. परंतु इसे जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने खारिज कर दिया. साथ ही याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगा दिया. याचिका करता एक धर्म गुरु को अपना परमात्मा मानता है. बता दें उपेंद्र नाथ दलाई,  श्रीश्री अनुकूल चंद्र ठाकुर का शिष्य है. उपेन्द्र की मांग यह थी कि श्रीश्री ठाकुर के धर्म-समाज में योगदान को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट उन्हें परमात्मा मानने का निर्देश दे. बड़ी बात तो यह थी कि उपेंद्र की याचिका में BJP,  RSS,  ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड,  गुरुद्वारा बंगला साहिब,  इस्कॉन समिति,  बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया,  नेशनल क्रिश्चिएन काउंसिल को भी पार्टी बनाया गया था.

कोर्ट ने याचिका को  किया खारिज 

इस याचिका को देखने के बाद सीटी रविकुमार की बेंच ने साथ ही फटकार लगते हुए कहा की भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है. याचिकाकर्ता को इस बात की अनुमति नहीं दी जा सकती कि वह देश के लोगों से जबरदस्ती श्रीश्री अनुकूल चंद्र को परमात्मा मनवाए. जस्टिस शाह बोले- अगर आप उन्हें परमात्मा मानना चाहते हैं तो मानें, दूसरों पर क्यों थोप रहे हैं. हम यहां आपका लेक्चर सुनने नहीं, सुनाने आए हैं. हम सेक्युलर देश हैं. आप मानो कि एक ही गुरुजी हैं ऐसा कभी होता है भैया? सबको पूरा अधिकार है इस कंट्री में. जिसको जो धर्म मानना है, माने. शिष्य की दलीलों के बाद कोर्ट ने इस याचिका को जनहित में नहीं पाया. इसलिए उस पर एक लाख रुपए जुर्माना भी लगाया. उपेंद्र की जुर्माना नहीं लगाने की गुजारिश पर जस्टिस शाह ने कहा “हमने तो कम जुर्माना लगाया. किसी को अधिकार नहीं कि जनहित याचिका का दुरुपयोग करे. अब लोग ऐसी याचिका लगाने से पहले कम से कम 4 बार सोचेंगे. “ यह जुर्माना 4 हफ्तों के भीतर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने का आदेश दिया गया है.

Tags:THE NEWS POSTSupreme CourtpetitionSri Sri Thakur's

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