✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Trending

झारखंड का संथाल परगना बना बांग्लादेशियों का ठिकाना, गरीब और अनपढ़ आदिवासी लड़कियां निशाने पर !

BY -
Vishal Kumar
Vishal Kumar
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 11:47:26 AM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): झारखंड में राजनीतिक हलचल के बीच एक बड़ा और अहम मामला सामने आया है.  राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के वर्ष 2021 के रिपोर्ट में जो खुलासे हुए है वो ना सिर्फ झारखंड के लिए बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है.  रिपोर्ट के मुताबिक अपराधिक घटनाओं में झारखंड देश का नंबर-1 राज्य बना हुआ है. महिलाओं के साथ अपराधिक वारताद और दुष्कर्म के मामले में 8वें स्थान पर है. वहीं झारखंड में हर छह घंटे में एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना हो रही है. बता दे कि एनसीआरबी वो डाटा जारी करती है जो मामले थाने में रजिस्टर्ड होते हैं और हम सभी जानते हैं कि ज्यादातर ऐसे मामले रिपोर्ट ही नहीं किये जाते है, अर्थात जुर्म के वास्तविक आंकड़े इससे कहीं ज्यादा है.

भाजपा के मुताबिक संथाल में आपराधिक घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है

भाजपा नेताओं की बात मानें तो झारखंड का संथाल परगना (गोड्डा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज) में बंग्लादेशी मुस्लिम और रोहिंग्यों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. खासकर पाकुड़ और साहिबगंज जिले में बंग्लादेशी मुस्लिमों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. आरोप है कि बंग्लादेशी मुस्लिम यहाँ की आदिवासी लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उनसे शादी करते हैं और उनकी जमीन और घर हड़प ले रहे हैं. इतना ही नहीं अगर शादी से पहले या बाद में लड़कियों को उनकी सच्चाई का पता चल जाता है तो वो उनकी हत्या तक कर देते है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर 1994 में साहिबगंज जिले में 17 हजार से अधिक बांग्लादेशियों की पहचान हुई थी. इन बांग्लादेशियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, मगर इन्हें वापस नहीं भेजा जा सका था. 

लव जिहाद क्या सोची समझी साजिश
दुमका अंकिता हत्याकांड के बाद से ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं. कहीं चार महीने प्रेग्नेंट नाबालिग लड़की को पेड़ पर फांसी से लटका कर मार दिया जाता है तो  कहीं लड़की को जिंदा जला दिया जाता है. ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. वहीं, बीजेपी  के नेता बाबूलाल मरांडी का कहना है कि अंकिता की हत्या करने वाला शाहरुख और उसका दोस्त मो. नईम बांग्लादेश के आतंकी संगठन अंसार-उल-बांग्ला से प्रेरित था. नईम का मोबाइल रिकॉर्ड इस बात की गवाही देता है. मरांडी के मुताबिक अंसार-उल-बांग्ला भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा का एक फ्रंट ग्रुप है, जिसका मकसद गैर मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाना और उनका धर्म परिवर्तन कराना है. 

ये भी देखें:

दुमका में दुष्कर्म और हत्या मामला: पुलिस ने तोड़ी चुप्पी, नाबालिग के गर्भवती होने की बात को लेकर क्या बताया, जनिए

अनंत ओझा साल 2018 से उठा रहे ये मुद्दा
राजमहल से भाजपा विधायक अनंत ओझा ने इस मुद्दे को विधानसभा के बीते बजट सत्र के दौरान कार्यस्थगन सूचना के जरिए संथाल परगना के जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठ का मामला उठाया था. उन्होंने अपनी सूचना में कहा था कि साहिबगंज जिलों में पिछले कुछ वर्षों से बांग्लादेशी घुसपैठ से जनसंख्या संतुलन बिगड़ गया है. वो इस बात को हर बार अलग-अलग जगहों पर कहते हुए भी दिखाई देते हैं. साल 2018 में रघुवर दास सरकार ने पूरे राज्य में NRC लागू करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था लेकिन इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है.  

फर्जी प्रमाण पत्र बना कर रह रहे बांग्लादेशी  
रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेशी घुसपैठिये फर्जी नाम और प्रमाण पत्र बना कर भारत के नागरिक बनकर रह रहे हैं. सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर रहे हैं, यहां तक कि सरकारी संसाधनों का फायदा ले रहे हैं. इस मुद्दे पर भी गृह विभाग को झारखंड से रिपोर्ट भेजी गयी थी. रिपोर्ट में जिक्र था कि बांग्लादेशी बिहार और बंगाल के रास्ते झारखंड आ रहे. इसमें अवैध प्रवासियों को चिन्हित करने के लिए टास्क फोर्स गठित करने की सिफारिश की गई थी. बात अगर आंकड़े की करे तो बंग्लादेश से सटे इलाको में मुस्लिम आबादी काफी बढ़ी है. पाकुड़ में 2001 में मुस्लिम आबादी 33.11 प्रतिशत थी जो 2011 में 35.87 प्रतिशत हो गई. उसके बाद का रिपोर्ट फिलहाल जारी नहीं किया गया है. मामला काफी गंभीर है ऐसे में इस दिशा में जांच परख जरूरी है  देश के अखंडता के लिए इस तरह के घुसपैठ पर रोक लगाना जरूरी है. 

Tags:News

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.