टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : झारखंड शराब घोटाले में IAS अधिकारी विनय चौबे पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें एक्साइज डिपार्टमेंट के टेंडर में गड़बड़ी और छत्तीसगढ़ सिंडिकेट के साथ मिलीभगत शामिल है. इस मामले में IAS अधिकारी कर्ण सत्यार्थी समेत कई अधिकारियों ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए हैं, जबकि IAS अधिकारी अमित कुमार ने एक मजिस्ट्रेट के सामने सेक्शन 164 के तहत अपने बयान में खुलासा किया कि विनय चौबे के मौखिक आदेशों पर टेंडर दिए गए और पेमेंट किए गए, जिससे राज्य को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ.
अब इस मामले में बुधवार को एक्साइज डिपार्टमेंट के तत्कालीन कमिश्नर और वर्तमान में रामगढ़ के DC फैज अक अहमद का बयान सेक्शन 164 (183 BNSS एक्ट) के तहत दर्ज किया गया. उनका बयान बुधवार को ACB कोर्ट से इजाज़त मिलने के बाद दर्ज किया गया. कोर्ट ने उनका बयान दर्ज करने के लिए एक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया, और फैज अक अहमद का बयान सेक्शन 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किया गया. बयान दर्ज होने के बाद उसे सील कर दिया गया.
अपने बयान में फैज अक अहमद ने शराब घोटाले से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. अपने बयान में उन्होंने IAS अधिकारी और तत्कालीन एक्साइज डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी विनय चौबे की पूरी संलिप्तता को कोर्ट के सामने उजागर किया है.
