TNP DESK-कभी पानी की किल्लत से जूझने वाले बिहार को आज शुद्ध पेयजल मिल रहा है. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल का जल योजना ने गांव-गांव और शहर-शहर लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है. इस योजना के जरिए लाखों परिवारों को घर के अंदर नल से साफ पानी मिलने लगा.बिहार सरकार की जल-नल योजना ने राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों में पीने के पानी की तस्वीर पूरी तरह बदल दी.
क्या है जल-नल योजना?
नीतीश सरकार ने सितंबर 2016 में आधिकारिक तौर पर इस योजना की शुरुआत की थी. जल-नल योजना की शुरुआत राज्य सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी. इसके तहत हर घर में नल कनेक्शन दिया जाता है और राज्य के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा रहा है. जिससे अलग अलग जल स्रोतों को शुद्ध कर पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जाता है.
आइए अब जानते हैं कि इस योजना के आने से कौन-कौन से पॉजिटिव बदलाव हुए......
स्वास्थ्य और शिक्षा पर पड़ा असर
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ स्वास्थ्य के क्षेत्र में देखने को मिला. पानी से होने वाली बीमारियों में भारी कमी आई. वहीं दूसरी तरफ पानी की तलाश में समय गंवाने वाली महिलाओं और छात्राओं को अब पढ़ाई और अन्य कामों के लिए अधिक समय मिल पा रहा है.
महिलाओं के जीवन में आया बड़ा बदलाव
ग्रामीण क्षेत्रों में जल-नल योजना ने महिलाओं को राहत दी है. पहले जहां उन्हें दूर-दराज से कई किलोमीटर चलकर पानी लाना पड़ता था अब वही पानी घर तक आसानी से मिल जाता है. इससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया.
रोजगार के भी मिले अवसर
इस योजना से स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले. पाइपलाइन बिछाने, रख-रखाव और संचालन के लिए स्थानीय युवाओं को काम मिला.
इस योजना में अनियमितता और घोटाले को लेकर भी कई बार सवाल उठा. करोड़ों के घोटाले की बात सामने आई. जिसके बाद विपक्ष ने भी इस योजना को लेकर कई बार सरकार को घेरा लेकिन राज्य सरकार का लक्ष्य है कि योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि पानी की गुणवत्ता और नियमित आपूर्ति बनी रहे.
