पटना(PATNA): बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी से नीतीश कुमार की विदाई और तेजस्वी की ताजपोशी की चर्चाओं के बीच राजद ने अपने तमाम नेताओं को फरमान जारी कर दिया है. राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने आज पत्र जारी कर पार्टी के तमाम नेताओं को कहा है कि वे गठबंधन, सरकार औऱ नेतृत्व के बारे में एक शब्द भी नहीं बोलें. जो बोलना होगा वह तेजस्वी यादव बोलेंगे. बता दें कि राजद ने ऐसा ही फरमान तब जारी किया था जब बिहार में सत्ता का फेरबदल होना था. नीतीश के पाला बदलने से पहले राजद ने अपने तमाम नेताओं को जेडीयू और नीतीश के बारे में कुछ भी बोलने से मना कर दिया था.
राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने शनिवार को पत्र जारी किया है. उन्होंने राजद के सारे सांसद, विधायक, पदाधिकारियों औऱ नेताओं को कहा है कि वे गठबंधन, सरकार औऱ नेतृत्व के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करें. जगदानंद सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि पहले ही विधायक दल की बैठक में ये फैसला लिया जा चुका है कि गठबंधन और नेतृत्व पर आधिकारिक बयान देने के लिए सिर्फ तेजस्वी यादव ही अधिकृत हैं. बाकी नेताओं को नहीं बोलना है. ऐसे में पार्टी का कोई भी नेता इन मसलों पर बयान नहीं दे.

सवाल ये है कि जगदानंद सिंह को ये पत्र क्यों जारी करना पड़ा. जगदानंद सिंह ने जिस बयानबाजी पर रोक लगाया है उसकी शुरूआत तो उन्होंने खुद की थी. राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने ही सबसे पहले मीडिया को कहा था कि नीतीश 2023 में बिहार के सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे औऱ तेजस्वी यादव की ताजपोशी होगी. उसके बाद ही पार्टी के दूसरे नेताओं ने इस मसले पर बयान दिया. लेकिन जो खबर आ रही है वह यही है कि नीतीश को 2025 से पहले कुर्सी छोड़नी पड़ेगी. 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी की ताजपोशी होगी. मौजूदा परिस्थिति भी इसकी गवाही दे रही है. दरअसल,नीतीश जब तक बीजेपी के साथ थे तब तक जेडीयू ही नहीं बल्कि भाजपा के भी नेता ये एलान करते थे कि नीतीश कुमार 2025 तक सीएम रहेंगे. अब आलम ये है कि राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने ये एलान कर दिया कि 2023 में नीतीश कुमार सीएम की कुर्सी छोंडेंगे. लेकिन नीतीश से लेकर जेडीयू का कोई नेता ये नहीं कह पा रहा है कि वे 2025 के विधानसभा चुनाव तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे.