टीएनपी डेस्क (TNP DESK): 14 अप्रैल को खरमास खत्म होते ही शादी-विवाह का सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन इस बार जश्न के बीच एक बड़ी परेशानी लोगों की खुशी पर भारी पड़ती दिख रही है. रसोई गैस (LPG) की किल्लत ने खासकर उन घरों की चिंता बढ़ा दी है, जहां शादी की तैयारियां जोरों पर हैं. सिलेंडर की कमी के कारण खाने-पीने के इंतजाम तक प्रभावित हो रहे हैं, जिससे परिवारों की टेंशन बढ़ती जा रही है.
शादी की तैयारियां भले ही पहले से पूरी कर ली गई हों, लेकिन अब गैस की कमी ने आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. स्थिति ऐसी है कि जरूरत के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं. कई जगहों पर आधी से भी कम सप्लाई हो रही है. इसका असर सीधे तौर पर शादी के खाने-पीने की व्यवस्था पर पड़ रहा है, जहां मेन्यू में कटौती तक की नौबत आ रही है. क्योंकि गैस की मात्रा कम है, जिस वजह से मेन्यू में कटौती की जा रही है.
अचानक होने वाले आयोजनों में परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है. लोगों को एक सिलेंडर के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. इससे न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि तनाव भी बढ़ता जा रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. अधिकारियों ने साफ कहा है कि गैस की कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग या अवैध इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही गैस एजेंसियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखें और किसी तरह की लापरवाही न बरतें.
उपभोक्ताओं की परेशानी को ध्यान में रखते हुए झारखंड सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1967 जारी किया है,साथ ही रांची जिला के उपभोक्ता के लिए अबुआ साथी–9430328080 जारी किया गया है. जहां लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. जिन लोगों को परेशानी ह रही है वो इस नंबर पर कॉल कर से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है.
गैस संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिलेंडरों की डिलीवरी में बैकलॉग बढ़ता जा रहा है. कई उपभोक्ताओं को बुकिंग के बावजूद समय पर गैस नहीं मिल रही है. वहीं, फर्जी डिलीवरी मैसेज की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है.
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर किसी एजेंसी या व्यक्ति की गड़बड़ी सामने आती है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सभी की नजर इस पर है कि शादी के इस व्यस्त सीजन में गैस आपूर्ति कब तक सामान्य हो पाती है.