टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देशभर में CBSE बोर्ड की परीक्षाएँ अब बस कुछ ही दिनों में शुरू होने वाली है. ऐसे में अब बच्चे आपने सिलेबस के आखरी पड़ाव पर रीविशन खत्म करने की कोशिश में लगे पड़े होंगे. हालांकि अब के बोर्डस के नियम और पहले के नियमों में काफी बदलाव आया है, पर एक चीज जो सभी पीढ़ियों के बीच एक समान रही है वो है बोर्डस परीक्षा के दौरान रहा है वो है स्ट्रेस.
बोर्ड परीक्षाओं के बीच स्ट्रेस होना लाज़मी है. पर जरूरी है की ऐसे समय में स्ट्रेस को खुद पर हावी ना होने दिया जाए और इसका असर निजी ज़िंदगी पर तो बिल्कुल ही नहीं पड़ना चाहिए. ऐसे में अगर खुद बोर्डस परीक्षा देने जा रहे हैं या आपका बच्चा परीक्षा में बैठने जा रहा है तो आपके लिए यह खबर बड़े काम की है.
बोर्डस परीक्षा के बीच जरूरी है कि एक लिमिट तक ही स्ट्रेस लिया जाए और इसका असर कभी भी इस कदर हावी नहीं होना चाहिए की आपकी रातों की नींद उड़ जाए. पर अगर आपको भी रात दिन बस बोर्ड का डर सता रहा है तो ऐसे में आपको इन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए क्योंकि हद से ज्यादा स्ट्रेस ना सिर्फ आपकी मेंटल हेल्थ बल्कि फिज़िकल हेल्थ पर भी असर डालता है.
अगर आपको भी हो रहा है स्ट्रेस तो इन बातों का रखे खास ख्याल :
पर्याप्त नींद लें
कई छात्र देर रात तक पढ़ाई करते हैं और सुबह जल्दी उठ जाते हैं. इससे शरीर और दिमाग दोनों थक जाते हैं. कम से कम 6–8 घंटे की नींद जरूरी है. अच्छी नींद से याददाश्त बेहतर होती है और एकाग्रता भी बढ़ती है.
सोशल मीडिया से दूरी है जरूरी
एग्जाम के दौरान तुलना सबसे बड़ा तनाव पैदा करती है. कौन कितना पढ़ चुका है, किसने कितने सैंपल पेपर हल कर लिए—इन बातों से दूर रहें. जरूरत हो तो कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से ब्रेक ले लें.
हेल्दी डाइट और पानी
तनाव के समय खानपान बिगड़ जाता है. जंक फूड से बचें और हल्का, पौष्टिक भोजन लें. पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि डिहाइड्रेशन से थकान और सिरदर्द हो सकता है.
छोटे ब्रेक और हल्की एक्सरसाइज
लगातार घंटों पढ़ने से दिमाग थक जाता है. हर 45–60 मिनट में 5–10 मिनट का ब्रेक लें. हल्की स्ट्रेचिंग, टहलना या गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज तनाव कम करने में मदद करती है.
पॉजिटिव सोच रखें
बार-बार “अगर पेपर खराब हो गया तो?” जैसी बातें सोचने से आत्मविश्वास कम होता है. खुद को याद दिलाएं कि आपने सालभर मेहनत की है. एग्जाम सिर्फ ज्ञान जांचने का एक तरीका है, जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं.
पेरेंट्स भी रखें इन बातों का खास ध्यान
बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाएं. “इतने नंबर लाने ही हैं” या “फलाना के बच्चे से ज्यादा स्कोर करना है” जैसी बातें उनके तनाव को बढ़ाती हैं. उन्हें भावनात्मक सहारा दें, पढ़ाई के लिए शांत माहौल दें और उनकी कोशिशों की सराहना करें.
अंत में याद रखें, बोर्ड परीक्षा महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन यह जीवन का एक हिस्सा भर है. सही तैयारी, संतुलित दिनचर्या और सकारात्मक सोच के साथ आप बिना ज्यादा तनाव के एग्जाम का सामना कर सकते हैं. शांत मन से दिया गया पेपर हमेशा बेहतर परिणाम देता है.
