Bihar Politics: यह कोई संयोग है या नया प्रयोग। बिहार में तीन इंजीनियर मंत्री बने है. एक विजय सिन्हा तो पुराने हैं, लेकिन दो नेता पुत्र बिलकुल नए हैं. दोनों नेता पुत्र अभी तक किसी सदन के सदस्य नहीं हैं. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेवारी संभाली है. उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश पंचायती राज विभाग में योगदान दिया है. हालांकि दीपक प्रकाश पिछले मंत्रिमंडल के भी सदस्य थे.
डिप्टी सीएम नहीं बने लेकिन मंत्री बनने को तैयार हो गए
दरअसल, नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार 20-25 दिन पहले जब उन्हें डिप्टी सीएम का ऑफर मिल रहा था, तो वह पदभार ग्रहण करने से मना कर दिया और सद्भावना यात्रा पर निकल गए. लेकिन जब सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, तो वह मंत्री पद स्वीकार कर लिए और उन्हें स्वास्थ्य मंत्री का जिम्मा मिला है. इसके पहले भाजपा कोटे से मंगल पांडे स्वास्थ्य मंत्री थे. मंगल पांडे को इस बार मंत्री परिषद में जगह नहीं मिली है. हो सकता है कि उनको राष्ट्रीय संगठन में कोई जिम्मेदारी दी जाए. स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए मंगल पांडे पर जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कई आरोप लगाए थे.
स्वास्थ्य विभाग को पटरी पर लाना निशांत कुमार की जिम्मेवारी
अब बिहार की बदहाल स्वास्थ्य विभाग को पटरी पर लाना निशांत कुमार की जिम्मेवारी होगी। वही उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने पंचायती राज विभाग में योगदान दिया है. नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में भी दीपक प्रकाश मंत्री थे. दोनों फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं. वैसे, सूत्र बताते हैं कि विजय कुमार सिन्हा भी इंजीनियरिंग किए हुए है. और वह लखीसराय विधानसभा सीट से विधायक हैं. वह नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री रहे थे. वैसे, सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल की परीक्षा अब शुरू हो गई है. हालांकि सरकार ने प्राथमिकताएं पहले से ही तय रखी है. लेकिन अब उन्हें जमीन पर उतारने का समय आ गया है.