गोपालगंज(GOPALGANJ): गोपालगंज में गंडक नदी के दबाव से सिकटिया छरकी का स्लूइस गेट कभी भी टूट सकता है. बरौली प्रखंड के सिकटिया का स्लूइस गेट का 50 फिसदी हिस्सा नदी के दबाव से टूट चुका है. स्लूइस गेट को बचाने के लिए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की टीम फ्लड फाइटिंग का युद्ध स्तर पर काम कर रही है. लेकिन, जिस तरह से गंडक नदी का दबाव है, उससे स्लूइस गेट को बचा पाना मुश्किल दिख रहा है.
डीएम और एसपी लगातार कर रहे हैं कैम्प
वहीं डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी छरकी को बचाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. अधिकारियों की टीम तैनात कर दी गयी है और इलाके के लोगों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. डीएम और एसपी आनंद कुमार मौके पर कैंप किए हुए हैं. यदि सिकटिया छरकी का स्लूइस गेट टूटा तो इन इलाकों के सलेमपुर पूर्वी, सलेमपुर पश्चिमी, हसनपुर, सदौवा, रामपुर, सरेया पहाड़, पिपरा, डुमरिया, टेकनिवास पंचायत में बाढ़ से तबाही मच सकती है.
सारण बांध पर भी बढ़ सकता है दबाव
दूसरी तरफ सिकटिया छरकी टूटा तो सारण बांध पर दबाव बढ़ेगा. ऐसे में इन इलाकों में रहनेवाले सभी लोगों से जिला प्रशासन ने सतर्क और ऐहतियात तौर पर सावधानी बरतने की अपील की है. वहीं स्थानीय प्रतिनिधियों ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को पहले से जब पता था तो तैयारी क्यों नही की गयी. वहीं सदर एसडीएम डॉ प्रदीप कुमार, एसडीपीओ संजीव कुमार समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारी इस वक्त स्लूइस गेट के पास पहुंच चुके हैं और कैंप किए हुए हैं. सदर एसडीएम ने कहा कि स्लूइस गेट को बचाने के लिए प्रशासन के अधिकारी लगे हुए हैं. जल संसाधन विभाग के अभियंता और ग्रामीणों को छरकी बचाने के लिए लगाया गया है.