भागलपुर(BHAGALPUR): बिहार में शराबबंदी जरूर है, लेकिन उसकी तस्करी में लगातार इजाफा ही हुआ है. हालांकि इसकी रोक-थाम के प्रयास भी कम नहीं हो रहे हैं, पर तस्वीर सुधरने की बजाय बिगड़ती ही जा रही है. ताजा मामला भागलपुर का ही है, शराब तस्करी के आरोप में एक तस्कर को पांच साल की सजा सुनाई गई है. तस्कर का नाम प्रभास रजक है, सजा आबकारी कोर्ट ने सुनाई है. दोषी को एक लाख रुपये आर्थिक दंड भी देना होगा. नहीं देने पर 6 महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा.
बता दें कि 4 जनवरी को कोतवाली की तरफ से सैंटरो कार लेकर प्रभास रजक आ रहा था. पुलिस की चेकिंग हो रही थी. पुलिस को देखकर प्रभास ने भागना चाहा लेकिन पुलिस की चुस्ती-फुर्ती के कारण उसे धर दबोचा गया. सेंट्रो कार से 117 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई. यह जानकारी एक्साइज कोर्ट-2 के एपीपी भोला मंडल ने दी.
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद वहां शराब तस्करों की चांदी हो गई थी. वो दूसरे राज्य से चोरी छुपे शराब लाकर उसे वहां बेहद ऊंची कीमत पर बेचकर खूब पैसा कमाते हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डीएम-एसपी को शराबबंदी को सख्ती से लागू कराने का टास्क दिया है. इसके बाद जिला पुलिस और उत्पाद विभाग भी काफी सक्रिय रहते हैं. अंग्रेजी शराब की तस्करी और बिक्री करने वाले तस्कर पुलिस की बढ़ी सक्रियता से कुछ सतर्क जरूर हुए हैं. लेकिन देसी शराब का निर्माण अभी भी जारी है. ग्रामीण क्षेत्रों खासकर नक्सल प्रभावित पहाड़ी इलाके में उत्पादन और बिक्री की जा रही है.