पटना(PATNA): उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा एनएमसीएच के अधीक्षक विनोद कुमार सिंह पर काम की लापरवाही को लेकर की गई कार्रवाई के बाद अब NMCH के निलंबित मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ विनोद कुमार सिंह ने इस एक्शन पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा है कि तेजस्वी यादव ने बिना कारण बताए ये एक्शन लिया है. जो कहीं से सही नहीं है. उनका कहना है कि मेरे ऊपर की गई कार्रवाई निराधार और गलत है. इतना ही नहीं, डॉ विनोद कुमार सिंह ने ये भी कहा है कि अगर बिहार सरकार मेरी बात नहीं सुनेगी तो मैं कोर्ट का सहारा लूंगा. डॉ विनोद कुमार सिंह ने बिहार सरकार को पत्र लिखने की बात कही है. उन्होंने कहा है कि इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है. स्वास्थ्य मंत्री ने अन्यायपूर्ण फैसला लिया है. मैंने कोविड-19 काल में सवा 2 साल तक अपनी सेवा दी है. तीन बार कोरोना होने के बावजूद भी जान जोखिम में डालकर अस्पताल में सेवा किए. नाली जाम, पीने के पानी और दवा की कमी के लिए जिम्मेदार मैं नहीं हूं. वहीं, डॉ विनोद कुमार सिंह को सस्पेंड करने पर IMA ने आपात बैठक बुलाई है. IMA की ओर से कहा गया है कि अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा जाएगा.
यह है मामला
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने गुरुवार की रात एनएमसीएच का औचक निरीक्षण किया था. बिहार में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के साथ औचक निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्या जानी. उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने इस दौरान व्यवस्था में गड़बड़ी को देखते हुए उन्होंने शुक्रवार को अस्पताल के शिशु रोग विभाग में प्राध्यापक व विभागाध्यक्ष डॉक्टर विनोद कुमार सिंह को निलंबित कर दिया. तेजस्वी यादव गुरुवार की रात यहां डेंगू से पीड़ित मरीजों के लिए की गई व्यवस्था को देखने गए थे. विनोद कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. यह मामला अब तूल पकड़ते जा रहा है. सरकार की इस कार्रवाई को लेकर आईएमए ने सख्त नराजगी जताई है.