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“आई एम सॉरी मम्मी और पापा, मैं परीक्षा में 95% से अधिक अंक नहीं ला पाऊंगी”, और लड़की ने लगा ली फांसी

BY -
Prakash Tiwary
Prakash Tiwary
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 8:56:30 AM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): एक दुर्भाग्यपूर्ण मामले में 10वीं कक्षा की छात्रा खुशबू मीना (15) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. अपने सुसाइड लेटर में लड़की ने लिखा है कि 95 फीसदी अंक लाने के लिए उसकी तैयारी काफी नहीं थी.

उसके सुसाइड नोट में लिखा कि “आई एम सॉरी मम्मी और पापा. मैं ऐसा नहीं कर सकती. मैं 10वीं बोर्ड की परीक्षा के कारण दबाव महसूस कर रही हूं. मैं परीक्षा में 95% से अधिक अंक नहीं ला पाऊंगी. आई लव यू पापा, मम्मी और ऋषभ. मुझे माफ़ कीजिए."

पुलिस का दावा है कि लड़की ने सुबह 11 बजे अपने घर में अकेले दम तोड़ दिया क्योंकि उसकी मां अपने छोटे भाई के स्कूल की ट्यूशन देने के लिए चली गई थी, जो कक्षा 4 में पढ़ता है. बाद में स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया जिन्होंने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की. बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

माता-पिता ने कभी मार्क्स के लिए नहीं डाला दबाव

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि खुशबू के पिता बसराम मीणा एक स्कूल टीचर हैं और राजस्थान के जालौर शहर के एक सरकारी स्कूल में काम करते हैं. बेटी की आत्महत्या की खबर सुनकर वह दौसा पहुंचे. उन्होंने कहा कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने कभी भी खुशबू पर मार्क्स के लिए दबाव नहीं डाला.उन्होंने कहा कि "उसकी पढ़ाई में बहुत रुचि थी, वह इतनी बुद्धिमान थी. हमने कभी नहीं सोचा था कि वह ऐसा कुछ कर सकती है."

इस बीच खुशबू की मां डॉक्टरों द्वारा उसकी मौत की पुष्टि के बाद अस्पताल में बेहोश हो गई थी. होश में आने के बाद उन्होंने बताया कि, "हमने कभी उस पर पढ़ाई के लिए दबाव नहीं डाला. लेकिन वह हमेशा स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करना चाहती थी. हम वास्तव में यह नहीं सोच पा रहे हैं कि उसने जो किया वह क्यों किया."

स्कूल में भी की गई पूछताछ

खुशबू के स्कूल के शिक्षकों से भी उसकी मौत के बारे में पूछताछ की गई. उन्होंने कहा कि वह बुद्धिमान थी और परीक्षा में हमेशा अच्छे अंक लाती थी. स्कूल के प्रधानाचार्य विश्राम गुर्जर ने भी पुष्टि की कि वह बुद्धिमान थी, लेकिन उसे विश्वास नहीं था कि वह परीक्षा में 95% से अधिक अंक लाएगी. उन्होंने कहा, "हमने 10वीं कक्षा के सभी छात्रों को 16 फरवरी को रिलीव कर दिया था, ताकि वे 16 मार्च से शुरू होने वाली परीक्षाओं के लिए अच्छी तरह से तैयारी कर सकें. हमें वास्तव में दुख है कि हमने इतना मेधावी छात्र खो दिया." पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

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