टीएनपी डेस्क(TNP DESK):हमारे देश के संविधान में सभी लोगों को सम्मान के साथ रहने का अधिकार है.कोई अगर इसमे खलल डालता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कानून भी बनाए गए है. कभी-कभी हम अपनी वजह से नहीं बल्की अगल-बगल रहने वाले लोग से परेशान रहते है.हमारा जीवन तो अच्छा भला चलता रहता है लेकिन पड़ोसी हमारा जीना हराम कर देते है. कभी गली गलौज करके, कभी धमकी देकर परेशान करते है. ऐसे में अगर आपने कोई कदम नहीं उठाया तो यह आपको मानसिक और शारीरिक तौर पर तंगकरते रहते है.
इस तरह सिखा सकते है सबक
ऐसे में रोज-रोज की किच-किच से हम इतने ज्यादा परेशान हो जाते है कि हमें समझ में नहीं आता है कि हम करें तो करें क्या. अगर आपके साथ भी आपके पड़ोसी ऐसा कुछ कर रहा है तो आपको सबसे पहले थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए.वरना आप ऐसे ही परेशान होते रहेंगे चलिए हम आपको बता देते है पड़ोसी अगर शराब पिकर आपके साथ गाली गलौज करें तो किस धारा में केस दर्ज किया जा सकता है.
उपद्रव की परिभाषा समझ जरूरी
यदि कोई शराब पिकर आपके साथ गाली गलौज करता है,धमकी देता है या मारपीट करता है तो यह उपद्रव की श्रृंखला में आता है. उपद्रव भी दो तरह के होते है एक सार्वजनिक और एक निजी.जिसका अंतर समझना आपको बेहद जरूरी है. जब भी कोई सार्वजनिक तौर पर ऐसा काम करता है जो सिर्फ आपको ही नहीं बाकी और लोगों को भी परेशान करता है तो इसे सार्वजनिक उपद्रव में रखा जाता है, जैसे यदि कोई पीने का पानी गंदा कर रहा है तो वह सभी के लिए परेशानी की बात है वही अभी कोई तेज म्यूजिक बजा रहा है तो मोहल्ले के सभी लोग परेशान होते है. यह भी सार्वजनिक उपद्रव में शामिल होता है, जिसके लिए सार्वजनिक तौर पर पर जकार पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने की जरूरत होती है.
क्या कर सकते है आप
वहीं निजी वो होता है, जिसमे कोई व्यक्ति केवल और केवल बस आपको परेशान करना चाहता है. जैसे आपके दिवाल से कचरा फेंक दे, आपके दिवाल को तोड़ दे,आपके बगीचे को नुकसान पहुंचा रहा है या घर में बार-बार घुस-घुसकर परेशान करने की कोशिश कर रहा है तो इसे निजी उपद्रव में शामिल किया जाता है.चलिए अब आपको बता देते है अगर आपके साथ ऐसा कोई करता है तो आपको क्या करना चाहिए.
थाने में एफआईआर दर्ज कराएँ
यदि आपके साथ कोई ऐसी हरकत कर रहा है तो सबसे पहले आपको थाने में जाकर उसके खिलाफ केस दर्ज करवाना चाहिए.वही अगर आपका फोन कॉल मैसेज या सामने आकर गाली दे रहा है या धमकी दे रहा है तो उसका वीडियो रिकॉर्ड करके रखना चाहिए.जो आपको अहम सबूत के तौर पर आगे पेश करने के लिए जरूरत पड़ेगी और आपका मामला मजबूत हो सकता है.
कानूनी नोटिस भेजें
यदि एफआईआर दर्ज कराने के बाद भी कोई असर नहीं पड़ता है तो आपको वकील की तरफ से एक कानूनी नोटिस भेजा जाना चाहिए और इसका जिसमे इस बात की चेतावनी देनी चाहिए कि वह सुधार जाए.क्योंकि उसके द्वारा किया जा रहा उपद्राव अब सहन से बाहर हो चुका है.यदि इसके बावजूद वह नहीं सुधरता है तो मामले को गंभीर समझे हुए एक्शन लेना चाहिए.
दोषी पाए जाने पर हो सकती है 2 साल तक सजा
आपको बताएं किस ऐसे मामले में IPC की धारा 504 (अपमान) और 506 (धमकी), या भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पुलिस में लिखित शिकायत/FIR दर्ज करा सकते है.जहां जान बुझकर धमकी देना, गाली देना या परेशान करने के खिलाफ कार्रवाई जाती है.अगर कोर्ट में ये साबित हो जाता है कि पड़ोसी ने आपके साथ गाली गालौज और धमकी दी है तो उसको 2 साल तक की सजा और जुर्मना लगाया जाता है.
