✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Trending

13 साल से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल देना खतरे से खाली नहीं, शारीरिक के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है ये बुरा असर

BY -
Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 26, 2026, 3:39:29 PM

टीएनपी डेस्क(TNP DESK):आजकल के आधुनिक युग में सभी के घर में स्मार्टफोन है. जहां बच्चे भी स्मार्टफोन चलाते है.बच्चों में इसकी आदत इतनी ज्यादा लत चुकी है कि अब इसका शिकार हो रहे है मोबाइल फोन लेकर घर के एक कोने में घुस जाते है उसके बाद उन्हें दुनियादारी से कोई मतलब नहीं होता, ना ही वह पढ़ाई पर ध्यान देते है ना ही खान-पान पर ध्यान देते है.वह घर से बाहर ही नहीं निकलते है और फिर मोबाइल फोन की लत उन्हें जकड़ लेती है और धीरे-धीरे कई बिमारियों के शिकार भी हो जाते है.

शरीरिक के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है ये बुरा असर

सभी के घर में लोग इस बात से परेशान होते है कि बच्चे काफी ज्यादा मोबाइल फोन देखते है, ना ही वक्त से खाते है ना पीते है, ना खेलते है. ऐसे में उनके मानसिक विकास के साथ शरीरिक विकास पर भी बुरा असर पड़ता है. रिपोर्ट्स की माने तो 13 साल से कम उम्र के बच्चों को अगर मोबाइल फोन दिया जाता है तो वह उनके स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा खतरनाक है,जो जानलेवा भी साबित हो सकता है.आज हम आपको बताने वाले है कि अगर आप 13 साल से उमर के बच्चों को मोबाइल फोन देते है तो उनके स्वास्थ्य पर क्या-क्या बुरा असर पड़ता है.

कोरोना काल के बाद बिगड़ गई है आदत

वैसे तो मोबाइल फोन कोरोना काल से पहले भी था लेकिन जब करोना काल आया तो सभी स्कूल बंद हो गए और घरों से ही ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाई शुरू की गई, जिसके लिए स्मार्टफोन बच्चों को दिया गया, लेकिन स्मार्टफोन से जितना बच्चों को फायदा नहीं हुआ उससे ज्यादा नुकसान हो गया.बच्चों में अब मोबाइल की इतनी ज्यादा लत लग चुकी है कि वह इसके बिना रह ही नहीं पा रहे है.यदि आप बच्चों को मोबाइल फोन न दें तो वह खाना पीना तक छोड़ देते है और गुस्से में मुंह फूला कर बैठ जाते है.कई बार ऐसी खतरनाक स्थिति भी देखने को मिलती है जहां कम उम्र के बच्चे मोबाइल फोन नहीं देने या लेने की वजह से आत्माहत्या तक कर लेते है जो काफी ज्यादा भयावह है.

इन बीमारियों का बढ़ता है खतरा 

एक्सपर्ट्स की माने तो अगर आप 12 साल के बच्चों को मोबाइल फोन देते है तो उनके स्वास्थ्य पर काफी ज्यादा बुरा असर पड़ता है. रिपोर्ट की माने तो मोबाइल फोन की लत की वजह से बच्चों में 60%, मोटापा 40% और डिप्रेशन का खतरा 30% तक बढ़ जाता है.बच्चों को निंद की समस्या आने लगती है.एक्सपर्ट की माने तो बच्चों का दिमाग काफी ज्यादा नाजुक होता है जिस पर किसी भी चीज का काफी गहरा प्रभाव पड़ता है. वही सोशल मीडिया वाले चक्का चौंध का जिंदगी पर काफी बुरा प्रभाव डालती है.सोशल मीडिया की जाल में वह इतना ज्यादा फंस जाता है कि मोबाइल फोन उनके दिमाग को कंट्रोल करने लगता है और उन्हें समझ में नहीं आती कि क्या सही है और क्या गलत है.

स्क्रॉल करने की आदत

बच्चों को फोन चलाने की लत इतनी ज्यादा लग जाती है कि उन्हें स्क्रॉल करने की बीमारी हो जाती है. वह हर समय फोन के बिना खुद को अधूरा महसूस करते है और फोन खोजते रहते है. उन्हें खेलने कूदने में मन लगता है. वह हमेशा बस फोन वाली दुनिया खोजते है और उसमें ही खोए रहते है.

बच्चों के दिमाग पर भी बुरा असर

वही मोबाइल फोन बच्चों के आंखों पर भी काफी ज्यादा बुरा प्रभाव डालती है. स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट बच्चों की नाज़ुक आंखों पर गहरा प्रभाव छोड़ती है और उन्हें चश्मा लग जाता है जिंदगी भर उन्हें चश्मा पहनकर ही अपना जीवन गुजारना पड़ता है. मोबाइल फोन बच्चों दिमाग पर भी बुरा असर डालता है जो मेलाटोनिन हार्मोन को कम कर देती है, जो नींद लाने के लिए होता है.

मोटापा का शिकार

बहुत सारे बच्चों को फोन चलाते हुए खाने की आदत होती है.ऐसे में उनका दिमाग यह नहीं समझ पाता कि वह क्या खा रहे है. इसकी वजह से उसकी विटामिन और प्रोटीन उनके शरीर में नहीं लगती है और कम उमर में ही मोटापा का शिकार हो जाते है जो उनके लिए काफी ज्यादा खतरनाक है.

हड्डियाँ भी कमजोर हो जाती है

बच्चे जब फोन चलाते है तो एक कोना में बैठे रहते है और वहां कोई भी फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते है जिसकी वजह से उनकी हड्डियाँ भी कमजोर हो जाती है.कम उमर में बच्चों को मैदान में जाकर खेलना-कूदना चाहिए. जिसमे उनके मसल्स मजबुत होती है लेकिन आजकल के बच्चे फोन लेकर घर में घुसे रहते है, जो आगे जाकर कई सारी बिमारियों का शिकार हो जाते है.भविष्य में जाकर उन्हें काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

डिप्रेशन का शिकार

सोशल मीडिया की दुनिया बहुत फर्जी है यहां लोग बस दिखावे की बात करते है. बच्चे जब सोशल मीडिया की दुनिया में कदम रखते है तो वह अपने माता-पिता को दूसरे के माता-पिता से तुलना करने लगते है. ऐसे में उनका बचपन बर्बाद होता है और वह धीरे-धीरे डिप्रेशन में चले जाते है क्योंकि वहां अपनी जिंदगी को दूसरे से कंपेयर करते है.

लत छुड़ाने के लिए करें ये काम

यदि आपके बच्चे भी फोन की लत पकड़ चुके है तो उन्हें धीरे-धीरे इससे पीछा छुड़वाएं वरना आगे जाकर काफी गंभीर समस्या पर लग सकता है.बच्चों को मोबाइल फ़ोन की जगह धीरे-धीरे घर के बाहर खेले जाने वाले खेल में रुचि बढ़ाएँ और बहार मैदान में खेलने के लिए भेजें.बच्चों से बैठकर समय निकालकर बातें करें और उनकी जिंदगी में क्या चल रहा है वह क्या सोचते है.क्या बनना चाहते है. उससे सब कुछ पूछे और राय दें.

Tags:health tips for kidskids health tipshealth for kidshealth tips for parentshealthy eating for kidshealthy habits for kidshealth education for kidshealthy food for kidsmental health for kidspersonal hygiene tips for kidsunhealthy foods for kidshealthy and unhealthy food for kidshealth tipskids healthhealthy kidsfor kidssongs for kidsfoods for kidskids mental healthactivities for kidstop stories for kidsvideos for kidshabits for kidsstories for kidshow to raise healthy kids

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.