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मुफ़्त भोजन का लालच देकर बच्चियों का कराया जा रहा धर्मांतरण, 8 आदिवासी लड़कियों की हुई रेस्क्यू  

BY -
Prakash Tiwary
Prakash Tiwary
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 11, 2026, 6:09:45 AM

रोहतास(ROHTAS): बिहार के रोहतास स्थित पहाड़ी इलाके में कथित तौर पर धर्मांतरण के लिए नाबालिग लड़कियों को बहला फुसलाकर दीक्षा भूमि ट्रेन से महाराष्ट्र के नागपुर ले जाने का एक बड़ा मामला सामने आया है. वहीं इस मामले को ह्यूमन ट्रैफिकिंग से भी जोड़ कर देखा जा रहा है. बताया जाता है कि इन बच्चियों को मुफ्त शिक्षा और मुफ्त भोजन का लालच देकर नागपुर के ईसाई मिशनरी में रखा जाना था. कथित रूप से धर्मांतरण की बात भी सामने आ रही है.

बताया जा रहा है कि रोहतास थाना और तिलौथू इलाके में इन दिनों पहाड़ी इलाके के रहने वाले जनजाति के लड़कियों को प्रलोभन देकर नागपुर ले जाने और धर्म परिवर्तन से जुड़ा मामला प्रकाश में आया है. एनजीओ और चाइल्ड लाइन की मदद से ऐसे 8 आदिवासी लड़कियों को मुक्त कराया गया है, ह्यूमन ट्रैफिकिंग के जरिये जिसे नागपुर भेजने की कोशिश की जा रही थी.

पहले भी रेस्क्यू की गई थी एक लड़की

बता दें कि इसी 12 सितंबर को डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने एक नाबालिग लड़की का रेस्क्यू किया था. जिसकी निशानदेही पर महिलाओ के लिए काम करने वाली एनजीओ 'परिवर्तन विकास संस्था' के सहयोग से जब रोहतास थाना क्षेत्र में पिपराडीह गांव में दबिश बनाई गई, तो एक मकान के कमरे से 8 लड़कियां बरामद हुई. जिसमें से दो झारखंड के गढ़वा जिले की रहने वाली है जबकि अन्य लड़कियां कैमूर पहाड़ी के हरैया, गोरियारी, नागा टोली, रेहल आदि गांव की है.

लड़कियों को बिचौलियों से बचाने वाली सविता डे ने बताया कि कंप्यूटर शिक्षा देने के नाम पर इन अनपढ़ बच्चियों को ले जाया जा रहा था. बताया जाता है कि कैमूर पहाड़ी पर कई ईसाई मशीनरियां सक्रिय हैं जो गरीब आदिवासी बच्चियों को निशाना बना रहे हैं और उसे दूसरे प्रांतों में ले जाकर नौकरी दिलाने के नाम पर धर्म परिवर्तन तक करवा रही है. फिलहाल, सभी बच्ची को पटना जिला के मोकामा चाइल्डलाइन को सौंपा गया है.  

मामले पर बोलने से बच रहे अधिकारी

इस संबंध में रोहतास थाना में FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है लेकिन फिलहाल जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी इस पर बोलने को तैयार नहीं है. वहीं चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी के लोग भी खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं. सूत्रों की मानें तो इलाके से 50 से अधिक लड़कियों को अब तक नागपुर के अलावा अन्य जगहों पर भेजा जा चुका है. बड़ी बात है कि इस ह्यूमन ट्रैफकिंग में धर्मांतरण का भी मामला जुड़ा हुआ है.  

Tags:News

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