मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए 45 दिन, सिंगल सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन और डबल सिलेंडर कनेक्शन वालों के लिए 35 दिन की नई समय-सीमा लागू कर दी गई है. सरकार ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक और गलत बताया है.
सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन की समय-सीमा पहले से लागू है, और यही सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू होती है. इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है.
मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और बिना जरूरत घबराहट में गैस सिलेंडर बुक न करें. इससे आपूर्ति व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है.
सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है. सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और हाल ही में 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की गई है.
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और देशभर में 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं. इसके साथ ही पीएनजी कनेक्शन का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और एक दिन में ही हजारों नए कनेक्शन जोड़े गए हैं.
कुल मिलाकर, सरकार ने साफ कर दिया है कि एलपीजी बुकिंग नियमों में बदलाव की खबरें सिर्फ अफवाह हैं, और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है.