टीएनपी डेस्क (TNP DESK): मंईयां सम्मान योजना की 16 वीं और 17 वीं किस्त को लेकर महिलायें बाट जोह रहीं हैं, की आखिर कब उनके खाते में नवंबर और दिसम्बर महीने की किस्त आएगी. बीते दिनों से ही इन किस्तों को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही थी. वहीं लोगों को यह भी उम्मीद थी की बीते नवंबर के महीने में स्थापना दिवस के पहले ही उनके खातों में मंईयां सम्मान योजन की 2500 रुपये की राशि भेजी जाएगी, पर किन्हीं कारणों से ऐसा हो ना सका. ऐसे में अब एक बार फिर झारखंड की बहन बेटियों के चेहरे, एक बार फिर खुशी से खिलने वाले हैं क्योंकि जल्द ही उनके खाते में मंईयां सम्मान योजना की राशि भेजी जाएगी. ऐसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह है की सरकार इस बार ना सिर्फ नवंबर बल्कि दिसम्बर महीने की भी राशि महिलाओं के खाते में भेजने की तैयारी में हैं. यानि की अब लभुकों के खाते में एक साथ 16वीं और 17वीं, दोनों किश्तें भेजी जाएंगी.
मिली जानकारी के अनुसार मंईयां सम्मान योजना ले लभुकों को क्रिसमस या उससे पहले तक दोनों महीनों की राशि मिल जाएगी. सरकार इसके लिए पूरी तैयारी कर रही है. ऐसे में 25 दिसम्बर तक या उससे पहले ही मंईयां के खाते में राशि भेज दी जाएगी.
दरअसल इस बार सरकार, मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को एक साथ 5 हजार रुपये देने की तैयारी में है. यानि की एक साथ उनके बैंक खाते में 5000 रुपये भेजे जाएंगे. इसके लिए जिला स्तर पर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. बताते चलें कि राज्य में करीब 51 लाख महिलाओं को हर महीने इस योजना का लाभ मिलता है. इससे पहले सितंबर की राशि दुर्गा पूजा से पहले, जबकि अक्तूबर की किस्त दीपावली और छठ पर्व से पहले जारी की गई थी.
वहीं अगर किसी लाभुक महिला के खाते में पैसे नहीं आते हैं, तो सबसे पहले उन्हें अपने बैंक में जाकर यह जांच करनी चाहिए कि उनका खाता आधार से जुड़ा है या नहीं. कई बार आधार लिंक न होने की वजह से राशि अटक जाती है. इसके अलावा ई-केवाईसी यानी बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा न होने पर भी भुगतान नहीं हो पाता है. यदि ये दोनों प्रक्रिया पूरी हैं, तो संभव है कि तकनीकी कारणों से देरी हो रही होगी.
कुछ महीने पहले मंईयां सम्मान योजना की लाभुक महिलाओं का सत्यापन किया गया था. इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए, क्योंकि वे योजना के तय नियमों पर खरा नहीं उतर रही थीं. योजना का लाभ पाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं और केवल वही महिलाएं पात्र मानी जाती हैं, जो इन सभी मापदंडों को पूरा करती हैं.
