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तारा शाहदेव मामले में आई फैसले की अंतिम घड़ी, जानिए क्यों एक दशक तक सुर्खियों में बना रहा यह मामला

BY -
Aditya Singh
Aditya Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 2:49:00 PM

रांची (RANCHI) : आज तारा शाहदेव मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत में फैसला सुनाया जाएगा. बता दें कि 23 सितंबर 2023 को दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा लिया था. इस मामले में रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन, उसकी मां कौशल रानी व झारखंड हाइकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार मुश्ताक अहमद ट्रायल फेस कर रहे हैं.

सीबीआई ने 26 गवाह किए हैं पेश

अब तक सीबीआई ने इस मामले में  26 गवाह और साक्ष्य पेश किया है. वहीं आरोपी पक्ष की तरफ से 4 गवाह पेश किए गए हैं. इस मामले को सीबीआई ने 2015 में टेकओवर किया था. जिसके बाद सीबीआई ने जुलाई 2018 में तीनों से उपर आरोप गठित किया था. इसके बाद से तीनों लगातार ट्रायल फेस कर रहे थे.

क्या है पूरा मामला

बता दें कि नेशनल शूटर तारा शाहदेव और रंजीत सिंग कोहली की शादी 7 जुलाई 2014 को हुई थी. शादी के बाद उसे पता चला कि रंजीत सिंह कोहली पहले ही अपना धर्म बदलकर इस्लाम धर्म कबूल कर चुका था और उसने अपना नाम रकीबुल हसन रख लिया था. पुलिस में दर्ज कराए मामले में तारा शाहदेव ने बताया था कि  शादी के बाद रंजीत उर्फ रकीबुल उस पर इस्लाम धर्म कबूलने का दबाव बना रहा था. जब उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया तो उसकी पिटाई की जाती थी औऱ कुत्ते से कटवाया गया था. साथ ही उसने बताया था कि कई दिनों तक उसे खाने भी नहीं दिया जाता था. इस पूरे प्रकरण में उसके साथ उसकी मां भी मानसिक औऱ शारीरिक रूप से दबाव बनाती थी. लेकिन डेढ़ महीने की प्रताड़ना के बाद 17 अगस्त 2014 को तारा ने अपने भाई को इस घटना की जानकारी दी. इसके बाद तारा को मुक्त कराया गया. तब जाकर मामला सभी के सामने आया औऱ तारा ने  यौन उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन कराने समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए हिंदपीढ़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसके बाद से ही यह मामला कोर्ट में चल रहा है.

 

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