TNP DESK: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का पूरा असर अब आम आदमी के जेब के साथ ही साथ रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है.डेली इस्तेमाल की चीज़े जैसे सर्फ, साबुन, टूथपेस्ट, बिस्किट और अन्य सामान महंगे हो गए हैं, जिससे लोगों का खर्च बहुत बढ़ रहा है. MFCG कंपनियों का कहना है की बहुत सारी चीजों के दाम में इजाफा हुआ है.
इस बढ़ोतरी में रोजमर्रा की सामानों पर 1 से 26 रुपये की वृद्धि हुई है. आपको बता दे की स्टैंडर्ड हॉर्लिक्स पाउच के दाम में बहुत ज्यादा यानि की 26 रुपये की वृद्धि हुई है. वहीं इनो, बैटरी और कपड़े धोने वाले साबुन जैसे उत्पादों की कीमतों में प्रति पीस एक रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है.
कंपनियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कच्चे माल की कीमतों में तेजी से आई वृद्धि के कारण की गई है. इसके अलावा डीजल की बढ़ती कीमतों ने भी उत्पादन और परिवहन लागत को बढ़ा दिया है, जिससे कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है. इस बोझ को संतुलित करने के लिए कंपनियां उत्पादों की कीमतें बढ़ाने को मजबूर हैं.
पैकिंग लागत में भी इजाफा हुआ है, जिसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं. क्रूड ऑयल महंगा होने से प्लास्टिक और अन्य पैकेजिंग सामग्री की लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर उत्पादों की MRP पर पड़ा है. साथ ही, कई जरूरी कच्चे माल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे उत्पादन प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है.
अब देखना ये होगा की जंग कब तक चलेगी और इन सब चीजों का आम आदमी के जेब पर क्या असर होगा. चीज़े और महंगी होगी या सस्ती.