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बुजुर्ग से लाखों रुपये की साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर किया फरेब

BY -
Rajnish Sinha
Rajnish Sinha
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 20, 2026, 6:19:20 PM

धनबाद : डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर बुजुर्ग से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का धनबाद साइबर थाना पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस संबंध में मंगलवार को साइबर थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने पूरे मामले की जानकारी दी.

फर्जी बैंक खातों में करवाया ट्रांसफर

ग्रामीण एसपी ने बताया कि 8 जनवरी 2026 को टुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत रतनपुर निवासी 73 वर्षीय सेबेस्टियन होरो ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी.पीड़ित के अनुसार अज्ञात साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से खुद को ईडी और सीबीआई अधिकारी बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी दी. अपराधियों ने बुजुर्ग को तथाकथित डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर मानसिक दबाव बनाया और जांच से बचाने के नाम पर 10 लाख 50 हजार रुपये विभिन्न फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए.

एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक धनबाद के निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी रविकांत प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया. टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई.जांच के क्रम में पुलिस ने भोपाल (मध्य प्रदेश) से इस कांड के प्राथमिकी अभियुक्त अरुण अहिरवार (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया.

आरोपी के पास से मोबाइल और सिम बरामद

पुलिस अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक कंपनी के नाम से करंट अकाउंट तथा अपने नाम से बचत खाता खुलवाया था. ठगी की रकम में से 5.50 लाख रुपये उसके खातों में ट्रांसफर किए गए थे जिनमें से 5 लाख रुपये चेक के माध्यम से निकालकर अपने अन्य सहयोगियों में बांट दिए गए.गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा था. पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है.

1930 पर सूचना दें

प्रेस वार्ता के दौरान ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती. उन्होंने कहा यदि कोई व्यक्ति ईडी, सीबीआई, पुलिस या किसी जांच एजेंसी के नाम पर कॉल कर पैसे की मांग करे तो उसे तुरंत साइबर ठगी समझें और नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें. उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या लिंक पर भरोसा न करने की अपील की है.

रिपोर्ट : नीरज कुमार

Tags:DHANBADDIGITAL ARESTTHAGIPOLICESIBER THANA

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