रांची(RANCHI): झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय धन शोधन के मामले में फिर से एक्शन में दिख रही है. एजेंसी कई मामलों की अंदर खाने जांच का दायरा बढ़ा चुकी है. साथ ही कई लोगों को नोटिस भेज कर पूरी जानकारी मांगी है. जिससे आगे जांच को बढ़ाया जा सके. हाल के दिनों में ईडी की गतिविधि बढ़ी हुई है. कई महत्वपूर्ण केस की समीक्षा बड़े अधिकारी कर रहे है. जिसके बाद एक्शन दिख सकता है. इसमें JPSC से लेकर जमीन और टेंडर घोटाला शामिल है.
जमीन घोटाले में रेस
सबसे पहले बात जमीन घोटाले की कर लेते है. बड़गाई अंचल से जुड़ी जमीन की जांच का दायरा ईडी ने बढ़ा दिया है. बरियातू इलाके में एक बेसकीमती जमीन को कम दाम में खरीदा गया. जिसके बाद उस जमीन पर अस्पताल का निर्माण किया गया. लेकिन इस पूरे जमीन खरीद बिक्री के मामले में ईडी को शक है कि पैसे का लेन देन नगद में किया गया. जिसमें मनी लौंड्रींग का एंगल है. यही वजह है कि ईडी इस केस की जांच कर रही है. और इस जमीन की मालकिन प्रीति कुमारी को नोटिस भेज कर कई जानकारी की मांग की गई है.
JPSC 2 के अधिकारी की संपत्ति की जांच
इसके बाद दूसरे नंबर पर JPSC 2 घोटाले में भी ईडी की इंट्री हुई है. इस मामले में पहले से सीबीआई की जांच चल रही है. कई अधिकारी पर आरोप पत्र गठित हो चुके है. लेकिन अब ईडी ने भी इस पूरे मामले में ECIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. साथ ही राज्य सरकार को पत्र लिख कर 28 अधिकारियों की संपत्ति की जानकारी मांगी गई है.जिसमें ईडी को शक है कि सभी अधिकारियों ने पद का इस्तेमाल करते हुए गलत तरीके से पैसे की कमाई कर संपत्ति इकट्ठा की है. इसमें कई अधिकारी ADM और IPS के पद पर पदस्थापित है.
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में बड़ा खेल
तीसरे केस की बात करें तो हाल के दिनों में सबसे ज्यादा चर्चा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की है.ईडी इस विभाग में टेंडर कमीशन और 20 करोड़ के एक कथित घोटाले की जांच कर रही है। जिसमें कई बार ईडी ने संबंधित अधिकारी और विभाग से जुड़े लोगों को समन भेज कर घंटों पूछताछ की है. साथ ही विभाग से जुड़े आईएएस अधिकारी मनीष रंजन और पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी भी की है. जिसमें ईडी को कई सबूत हाथ लगे है. जिसके आधार पर अब आगे की कार्रवाई करने वाली है.
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के केस में ईडी और पुलिस आमने सामने
इसी केस में कुछ दिन पूर्व ईडी और रांची पुलिस आमने सामने दिखी थी. ईडी के खिलाफ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के क्लर्क संतोष कुमार ने ईडी के अधिकारियों के खिलाफ एक केस एयर पोर्ट थाना में दर्ज कराया था. जिसमें आरोप लगा की ईडी के अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान उनके साथ मारपीट की है और सर फोड़ दिया है. केस दर्ज होने के बाद रांची पुलिस ने ईडी दफ्तर में रेड की थी और 7 घंटे की तक ईडी दफ्तर में पुलिस अधिकारी छापेमारी कर जांच कर रहे थे. लेकिन इस बीच ही इस केस और जांच को ईडी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. जिसके बाद कोर्ट ने रांची पुलिस की जांच को रोकने का आदेश दिया.
शराब घोटाले में जांच शुरू
चौथे नंबर पर शराब घोटाला है. यह केस सबसे हाई प्रोफाइल है. शराब घोटाले में पहले से झारखंड की जांच एजेंसी ACB जांच कर रही है. और इस केस में धन शोधन के मामले में सीनियर आईएएस अधिकारी विनय चौबे को गिरफ्तार कर लिया है. इस बीच कई चौकने वाली जानकारी निकल कर सामने आई है. लेकिन ACB के साथ साथ अब ईडी ने भी इस केस को टेक ओवर किया है. ईडी इस पूरे केस की तह तक जाने की कोशिश कर रही है. साथ ही छत्तीसगढ़ सिंडीकेट से जुड़े हर कड़ी को खंगाल कर पूरी सच्चाई जानने की कोशिश कर रही है. जहां ACB ने इस शराब घोटाले में अब तक 38 करोड़ रुपये के घोटाले की बात कही है तो ईडी इसे बड़ा घोटाला मान कर चल रही है.
