दुमका: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. 21 फरवरी की शाम 5 बजे प्रचार का शोर थम गया है. प्रचार प्रसार का दौर शांतिपूर्ण संपन्न हो गया लेकिन उसके बाद दुमका नगर परिषद का चुनाव तल्ख़ हो गया है. धनबल के आरोपों ने चुनावी माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया है. गाँधी नगर मोहल्ले में कल देर रात कथित रूप से पैसे बाँटने को लेकर जमकर बवाल हुआ. आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. ऐसी स्थिति में शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराना प्रशासन के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है. वैसे प्रशासनिक स्तर पर इसके लिए मुकम्मल व्यवस्था की गई है.
क्या है पूरा मामला
दुमका नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए 18 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है. शहर के गांधी नगर मोहल्ला में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अजय कुमार झा और अभिषेक चौरसिया के समर्थक आमने सामने हो गए. अजय झा के समर्थकों द्वारा अभिषेक चौरसिया के समर्थक पर गांधी नगर में रुपया बांटने का आरोप लगाया. वहीं अभिषेक के समर्थकों ने अजय झा के समर्थकों पर रुपया बांटने का आरोप लगाया है. वहीं प्रत्याशी अजय झा और अभिषेक चौरसिया ने अपने ऊपर लगे आरोप को निराधार बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग प्रशासन से की है.अजय झा ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से सच्चाई सामने आ जाएगी.उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उनका कहना है कि जनता इसका जवाब अपने वोट से देगी.
पुलिस ने दो को लिया हिरासत में, पूछताछ के बाद छोड़ा!
आरोप प्रत्यारोप के बीच हंगामा बढ़ता देख पुलिस टीम मौके पर पहुंची जहां एक बाइक लावारिस अवस्था में मिला. पुलिस टीम द्वारा दो लोगों को हिरासत में लेकर देर रात थाना लाया गया. लेकिन बताया जा रहा है कि पूछ ताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया गया. सूत्र बताते है कि हिरासत में लिये गये दोनों लोगों के पास से नकद बरामद नहीं हुआ.
भाजपा जिला अध्यक्ष की चेतावनी, निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने पर देंगे धरना
पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष रुपेश मंडल ने आरोप लगाया कि धनबल से चुनाव प्रभावित किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने पर धरना दिया जाएगा.
हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है प्रशासन : डीसी
कल सोमवार को सुबह 7 बजे से मतदान होगा. आज की रात प्रत्याशी से लेकर प्रशासन तक सबके लिए अहम है. आज की रात हंगामा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. वैसे इस बाबत डीसी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी अभिजीत सिन्हा ने कहा कि प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिये तैयार है. निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में मतदान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है.
रात की घटना के बाद सुलगते कई सवाल
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि रात की घटना का प्रशासन निष्पक्ष जांच करेगी? क्या 23 फरवरी को होने वाला चुनाव दबाव और धनबल से मुक्त रहेगा? क्या मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो पाएगा? वैसे कल रात गाँधी नगर की घटना ने साफ कर दिया है कि दुमका नगर परिषद चुनाव अब बेहद तल्ख़ हो चुका है और आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है.
रिपोर्ट: पंचम झा