TNP DESK: आज की डिजिटल दौड़ में हमारा देश बहुत आगे बढ़ चुका है,खासकर कार्य छेत्र में. इसी बीच अभी एक चीज काफी तेजी से ट्रेंड में चल रहा है Incognito mode. ये एक गूगल का नया फीचर है जिसमे अगर आप कोई भी चीज Incognito mode में सर्च करते है तो वो सर्च प्राइवेट और सेफ रहती है,ना ही इसमे कोई हिस्ट्री सेव होती है. लेकिन क्या आपको लगता है की ये डेटा सेफ रहती है?
अगर हाँ तो आप गलत है क्योंकि जब आप Incognito mode में ब्राउज़ करते हैं, तो आपकी browsing history, cookies और search data आपके डिवाइस में सेव नहीं होता, मतलब अगर बाद में कोई आपका फोन या कंप्यूटर इस्तेमाल करे, तो उसे पता नहीं चलेगा कि आपने क्या देखा था.इसी वजह से लोग इसे पूरी तरह private समझ लेते हैं
लेकिन हाँ इंटरनेट की दुनिया में आप फिर भी दिखाई देते हैं. आपको इंटरनेट देने वाला (ISP) देख सकता है कि आप किन वेबसाइट्स पर जा रहे हैं.जिस वेबसाइट पर आप जाते हैं, वह भी आपका IP address पहचान सकती है. यानी आप पूरी तरह छिपे नहीं होते.
अगर आप Incognito mode में रहते हुए भी किसी वेबसाइट पर लॉगिन करते हैंतो वह प्लेटफॉर्म आपकी activity को वैसे ही रिकॉर्ड करता है. Incognito mode इसे नहीं रोकता.
कुछ वेबसाइट्स तो ऐसी तकनीक भी इस्तेमाल करती हैं, जिससे वे आपको पहचान सकती हैं, भले ही cookies सेव न हो रही हों फिर भी. इसे आसान भाषा में समझें तो,आपने दरवाज़ा तो बंद किया है, लेकिन खिड़की खुली रह गई है.
अब सवाल है, इसका फायदा क्या है?
Incognito mode तब काम आता है जब आप किसी और के फोन या कंप्यूटर पर कुछ सर्च कर रहे हों, या नहीं चाहते कि आपकी history सेव हो. यह आपके डिवाइस पर privacy देता है, लेकिन इंटरनेट पर नहीं.
अगर आपको सच में अपनी privacy बचानी है, तो सिर्फ Incognito mode काफी नहीं है. इसके लिए strong password रखें, दो-स्टेप सुरक्षा (OTP) ऑन करें और सुरक्षित नेटवर्क का इस्तेमाल करें.