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आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय की बेटी ने क्रैक की JPSC, मिठाई के लिए नहीं थे रुपए तो चीनी खिलाकर किया मुंह मीठा

BY -
Pancham Jha Dumka
Pancham Jha Dumka
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 9:17:07 PM

दुमका (DUMKA) : कहते है प्रतिभा किसी परिचय का मोहताज नहीं होता. इसकी एक बानगी देखने को मिला झारखंड की उपराजधानी दुमका में, जहां विलुप्तप्राय आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय की एक बेटी ने झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता प्राप्त की है. सदर प्रखंड के आसनसोल की रहने वाली बबीता सिंह ने 337वीं रैंक हासिल कर झारखंड प्रशासनिक सेवा की अधिकारी बनी है.

मिठाई खरीदने के लिए घर में नहीं था रुपया, मां ने चीनी खिलाकर बेटी का किया मुंह मीठा

बबीता के पिता एक प्राइवेट स्कूल में हेल्पर के रूप में कार्यरत है जबकि मां गृहणी है. परिवार की आर्थिक स्थिति कभी अच्छी नहीं रही. 4 भाई बहन में बबीता सबसे बड़ी है. जेपीएससी का परिणाम आने पर घर में मिठाई खरीदने के भी पैसे नहीं थे, इसलिए मां ने चीनी खिलाकर बबीता का मुंह मीठा किया और अपनी खुशी जाहिर की.

यू-ट्यूब के सहारे की तैयारी, सेल्फ स्टडी को दिया श्रेय

बबीता की सफलता यह दर्शाता है कि धन दौलत और ऐशो आराम से नहीं बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति से मंजिल मिलती है. बबीता ने अपनी सफलता का श्रेय किसी कोचिंग या शिक्षक को नहीं, बल्कि अपनी सेल्फ-स्टडी को दिया. यू ट्यूब के सहारे उसने अपनी तैयारी की. उन्होंने मैट्रिक से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई दुमका में ही पूरी की और एसपी कॉलेज से बीए पास किया.

शादी के लिए जब घरवालों ने बनाया दबाव तो बबीता ने दिया दो टुक जवाब

बबीता चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी है. उम्र के उस मुकाम पर पहुंचने के बाद होने के बाद जब घर वालों ने बबीता पर शादी का दबाव बनाया, तो बबीता ने स्पष्ट कहा कि जब तक वह पढ़-लिखकर कुछ बन नहीं जाती, शादी नहीं करेंगी. उनके सभी भाई-बहनों की शादी हो गई, लेकिन बबीता अपने लक्ष्य पर अडिग रहीं.

कठिन परिश्रम और लगन से ही प्राप्त किया जा सकता है लक्ष्य : बबीता

बबीता बताती हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए वह नियमित रूप से 5 से 6 घंटे पढ़ाई करती थी. उनका मानना है कि लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, कठिन परिश्रम और लगन से उसे हासिल किया जा सकता है. उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए यूट्यूब और गूगल का सहारा लिया, जो आज के डिजिटल युग में शिक्षा के महत्वपूर्ण संसाधन हैं.

पहाड़िया समुदाय के लिए बबीता का संदेश : शिक्षा के बल पर सब कुछ हासिल किया जा सकता है

बबीता ने अपने समुदाय  विशेषकर आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय की शिक्षा के प्रति चिंता व्यक्त की. उनका कहना है कि इस समुदाय में शिक्षा का घोर अभाव है और नशे का प्रचलन भी काफी है, जिससे युवा पीढ़ी शिक्षा से वंचित रह जाती है. बबीता ने अपने समुदाय के लोगों से आह्वान किया है कि उन्हें यह समझना होगा कि शिक्षा ही वह सशक्त हथियार है, जिसके बल पर वे सब कुछ हासिल कर सकते हैं.

 

Tags:dumka newsJPSC RESULTDaughter of primitive tribalPahadia communitycracked JPSC

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