रांची(RANCHI): एक जनप्रतिनिधि का काम सभी को साथ लेकर चलने का होता है. जनप्रतिनिधि किसी का जात और धर्म देखकर राजनीति नहीं करता है. लेकिन झारखंड के एक ऐसे विधायक है जो कुछ दिनों से आपसी भाई चारे को खत्म करने पर तुले है. कभी सदन में जहरीले बोल बोलते है तो कभी खुले मंच से सौहार्द बिगाड़ने वाला बयान दे रहे है.वह भी ऐसा बयान दे रहे है कि कोई बड़ा नेता भी अबतक ऐसा बयान नहीं दिया होगा. अब इन विधायक जी को क्या हुआ है आखिर क्यों आपसी सौहार्द इन्हे पसंद नहीं है.यह बात तो विधायक जी ही जाने. लेकिन इनके बयान के बाद सवाल उठने लगा है कि कोई विधायक ऐसा बयान कैसे दे सकता है.
दशहरा पुजा के दौरान दिया विवादत बयान
दरअसल यह विधायक पलामू के पांकी विधानसभा क्षेत्र से आते है. इनका नाम शशिभूषण मेहता है,और भाजपा के टिकट पर जीत कर अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे है. लेकिन शशिभूषण मेहता अपने अटपटे बयान के वजह से सुर्खियों में बने हुए है. विधायक दशहरा पुजा के दौरान विवाह मंडप का शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने ऐसा बयान दिया जिसकी आलोचना हो रही है.
मंदिर के आसपास दिखे तो अंजाम होगा बुरा
शशिभूषण मेहता ने कहा कि दाढ़ी वाले, टोपी वाले ये जो मुसलमान है, मंदिर के आसपास दिखे तो इसका अंजाम बुरा होगा. विधायक ने कहा कि जो लोग इनको हिंदुओं के कार्यक्रम में, उत्सव में, पर्व त्योहारो में साथ लेकर चलते हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं क्या उनको हिंदू नहीं मिलते. क्यों लगातार हिंदुओं को आहत करने का काम करते हैं? बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की ओर से निकाले गए शौर्य जागरण रथ यात्रा में मुसलमान को शामिल कर हिंदुओं को आहत करने का काम किया गया. अगर हम लोगों को ऐसा पहले मालूम होता तो दंगा फसाद होने से कोई रोक नहीं सकता था.
रिपोर्ट. समीर हुसैन