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लगातार ड्यूटी और काम के दबाव से मिलेगी पुलिस कर्मियो को राहत, हर थानों में गूंजेगा शांति का मंत्र, सरकार ने बनाया मास्टर प्लान, पढ़ें पूरी खबर

BY -
Vinita Choubey  CE
Vinita Choubey CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 19, 2026, 10:30:02 AM

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): पुलिस के जवानों और अधिकारियों के लिए राहत भरी पहल सामने आई है. लगातार लंबी ड्यूटी, पारिवारिक दूरी और काम के भारी दबाव से जूझ रहे पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने मिशन रिलैक्सेशन की शुरुआत की है. इसके तहत मध्य प्रदेश के एक हजार से अधिक पुलिस थानों में हर रविवार सवा घंटे का ध्यान सत्र आयोजित किया जाएगा, जिससे पुलिसकर्मियों को मानसिक तनाव से राहत मिल सके. इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर होगी. यह पहल मध्यप्रदेश पुलिस और हार्टफुलनेस संस्थान के बीच हुए समझौते का परिणाम है. इस सहयोग के तहत संस्थान के प्रशिक्षक बिना किसी शुल्क के पुलिसकर्मियों को ध्यान और तनाव प्रबंधन का प्रशिक्षण देंगे.

आदेश के अनुसार, हर रविवार सुबह 10 बजे से 11 बजकर 15 मिनट तक थानों में ध्यान सत्र आयोजित होंगे. इस दौरान पुलिसकर्मी गाइडेड मेडिटेशन और रिलैक्सेशन तकनीकों का अभ्यास करेंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार जोखिम भरे कार्य और लंबी ड्यूटी के कारण पुलिसकर्मियों में चिड़चिड़ापन, थकान और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, जिन्हें ध्यान के जरिए काफी हद तक कम किया जा सकता है.

इस योजना को लागू करने से पहले कुछ प्रशिक्षण केंद्रों और चुनिंदा जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया गया था. वहां पुलिसकर्मियों के व्यवहार, कार्यक्षमता और मानसिक संतुलन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला. इसी सफलता के आधार पर इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का फैसला लिया गया है. वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मानसिक रूप से स्वस्थ पुलिसकर्मी बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा पाएंगे. तनाव कम होने से वे आम लोगों की शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुन सकेंगे और अधिक संवेदनशीलता के साथ काम करेंगे. इसका असर उनके पेशेवर जीवन के साथ-साथ निजी और पारिवारिक जीवन पर भी पड़ेगा.

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि कानून व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मियों की सेहत भी उतनी ही अहम है जितनी नागरिकों की सुरक्षा. बढ़ते मानसिक दबाव और आत्मघाती प्रवृत्तियों को देखते हुए यह ध्यान कार्यक्रम पुलिसकर्मियों के लिए एक मजबूत सहारा साबित हो सकता है. यह पहल न सिर्फ उनकी कार्यक्षमता बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाकर जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी देगी.

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