दुमका: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। उपराजधानी दुमका में नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए इस बार कुल 18 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया गया है, जिसके बाद चुनाव प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रत्याशी गली मोहल्लों में घूम घूम कर मतदाताओं से जनसंपर्क कर रहे हैं।
27 फरवरी को खुलेगा जनता के फैसले का राज
जनता का आशीर्वाद किसे मिलेगा, इसका फैसला 27 फरवरी को मतदान के बाद सामने आएगा। हालांकि अभी से यह तय माना जा रहा है कि इस बार का नगर निकाय चुनाव बेहद रोचक और दिलचस्प होने वाला है। प्रत्याशियों की संख्या और चुनावी समीकरण इसे खास बना रहे हैं।
पहली बार अनारक्षित हुआ अध्यक्ष पद
यह पहला अवसर है जब दुमका नगर परिषद का अध्यक्ष पद अनारक्षित रखा गया है। अब तक यह पद महिलाओं के लिए आरक्षित था। अनारक्षित होने के कारण इस बार प्रत्याशियों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे मुकाबला बहुकोणीय हो गया है।
निर्दलीय चुनाव, फिर भी भाजपा ने किया समर्थन का ऐलान
हालांकि इस बार नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा है, इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने अमिता रक्षित को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। वहीं झामुमो सहित अन्य राजनीतिक दलों की ओर से अब तक किसी भी प्रत्याशी को आधिकारिक समर्थन देने की घोषणा नहीं की गई है।
दल बनाम निर्दल: जनता किसे देगी तरजीह?
इस स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि दुमका की जनता के लिए दल महत्वपूर्ण है या निर्दलीय चेहरा। इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए वर्ष 2018 के नगर निकाय चुनाव परिणामों पर नजर डालना जरूरी हो जाता है।
2018 का चुनाव: दलीय मुकाबला, जीत निर्दल की
वर्ष 2018 में नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर लड़ा गया था। भाजपा ने अध्यक्ष पद पर अमिता रक्षित और उपाध्यक्ष पद पर गरीब दास को प्रत्याशी बनाया था। वहीं झामुमो ने अध्यक्ष पद पर प्रत्याशी नहीं उतारते हुए निर्दलीय उम्मीदवार श्वेता झा को समर्थन दिया था, जबकि उपाध्यक्ष पद पर अभिषेक चौरसिया को मैदान में उतारा गया था।
दुमका की जनता ने नकार दिया था दलीय प्रत्याशी को
दलगत चुनाव होने के बावजूद दुमका नगर की जनता ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर निर्दलीय प्रत्याशियों को विजयी बनाया। अध्यक्ष पद पर श्वेता झा ने भाजपा प्रत्याशी अमिता रक्षित को 7,225 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी विनोद कुमार लाल ने भाजपा और झामुमो दोनों प्रत्याशियों को पीछे छोड़ते हुए 1,697 मतों से जीत दर्ज की।
इस बार का चुनाव क्यों है खास
इस वर्ष का चुनाव कई मायनों में खास है। अध्यक्ष पद अनारक्षित होने के कारण कुल 18 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें भाजपा समर्थित अमिता रक्षित एकमात्र महिला प्रत्याशी हैं। वहीं निवर्तमान अध्यक्ष श्वेता झा के पति अजय कुमार झा, निवर्तमान उपाध्यक्ष विनोद कुमार लाल, 2018 में दूसरे स्थान पर रहे अभिषेक चौरसिया और पहली बार किस्मत आजमा रहे युवा समाजसेवी सुमित पटवारी भी प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।
जनता के दिल पर कौन करेगा राज?
सभी प्रत्याशियों के अपने अपने समर्थक और प्रभाव क्षेत्र हैं। ऐसे में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि दुमका की जनता इस बार किसे अपना नेता चुनती है। क्या जनता फिर से निर्दलीय प्रत्याशी पर भरोसा जताएगी या किसी दल समर्थित चेहरे को तरजीह देगी, इस अहम सवाल का जवाब मतगणना के बाद ही सामने आएगा।
