टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देशभर में फ़रवरी के महीने से 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा शुरू होने वाली है. ऐसे में अब स्टूडेंट्स के लिए यह 15 दिनों का समय सबसे अहम है क्योंकि यही वह समय है जब बच्चे अपने पढे हुए पाठक्रम का रीविशन यानि की पूर्णावृत्ति करेंगे. ऐसे में सबसे जरूरी है सही तरीका जानना जिससे बिना ज्यादा समय गवाये बच्चे ज्यादा से ज्यादा रीविशन कर पाएँ. यहाँ यह जानना भी काफी जरूरी है की रीविशन करने की सही टेक्नीक क्या है जिससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा फायदा हो. यह भी जानना काफी अहम है की कैसे टाइम मैनेजमेंट हो जिससे इतने वास्ट सिलबस को पूरी तरह कवर हो सके. ऐसे में अगर आप भी बोर्डस का रीविशन करना चाहते हैं पर इस बात की कन्फ़्युशन में हैं की शुरुआत कहाँ से करें तो आज की यह खबर आपके बड़े काम की है.
इन बातों का रखें खास ख्याल
फोन से दूरी है सबसे जरूरी : बोर्ड परीक्षा के रिविजन के दौरान मोबाइल फोन सबसे बड़ा डिस्ट्रैक्शन साबित होता है. पढ़ाई के समय बार-बार नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया और कॉल्स से ध्यान भटकता है, जिससे पढ़ा हुआ दिमाग में ठीक से बैठ नहीं पाता. एक्सपर्ट्स की मानें तो रिविजन के वक्त फोन साइलेंट कर किसी दूसरे कमरे में रख देना सबसे बेहतर तरीका है. अगर ऑनलाइन पढ़ाई जरूरी हो, तो केवल पढ़ाई से जुड़े ऐप्स का ही इस्तेमाल करें. तय समय पर ही फोन चेक करने की आदत डालें. फोन से दूरी बनाकर छात्र कम समय में ज्यादा सिलेबस दोहरा सकते हैं और फोकस भी बेहतर बना रहता है.
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चैप्टर वाइज़ करें रीविशन : पूरा सिलेबस एक साथ दोहराने की कोशिश करने से घबराहट बढ़ सकती है. इसलिए रिविजन हमेशा चैप्टर वाइज करना चाहिए. पहले आसान और पहले से पढ़े हुए चैप्टर दोहराएं, फिर कठिन टॉपिक्स पर जाएं. इससे आत्मविश्वास भी बढ़ता है. हर चैप्टर के महत्वपूर्ण टॉपिक्स, फॉर्मूले और संभावित सवालों पर खास ध्यान दें. चैप्टर वाइज रिविजन करने से यह भी समझ में आता है कि किस विषय में ज्यादा मेहनत की जरूरत है. इस तरीके से छात्र अपने समय और ऊर्जा दोनों का सही इस्तेमाल कर पाते हैं.
शॉर्ट नोट्स बनाए : रिविजन के लिए शॉर्ट नोट्स बेहद कारगर साबित होते हैं. लंबे पैराग्राफ दोबारा पढ़ने के बजाय अगर मुख्य बिंदु, फॉर्मूले, डेट्स और परिभाषाएं छोटे नोट्स में लिखी हों, तो कम समय में पूरा रिविजन हो जाता है. रंगीन पेन या हाइलाइटर का इस्तेमाल करने से नोट्स ज्यादा यादगार बनते हैं. परीक्षा से एक-दो दिन पहले इन्हीं शॉर्ट नोट्स को देखकर पूरा सिलेबस दिमाग में दोहराया जा सकता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि खुद बनाए गए नोट्स, किताब के मुकाबले ज्यादा प्रभावी होते हैं.
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हर दिन एक चैप्टर खत्म करने का बनाएं टारगेट : बोर्ड परीक्षा से पहले समय का सही प्रबंधन बहुत जरूरी है. इसके लिए रोज़ का एक स्पष्ट टारगेट तय करें, जैसे कि हर दिन कम से कम एक चैप्टर पूरा करना. इससे पढ़ाई का दबाव कम होता है और सिलेबस समय पर पूरा हो जाता है. टारगेट पूरा होने पर आत्मसंतोष भी मिलता है, जो आगे पढ़ने की प्रेरणा देता है. अगर किसी दिन लक्ष्य पूरा न हो पाए, तो घबराने के बजाय अगले दिन प्लान में थोड़ा बदलाव करें. नियमित टारगेट से रिविजन व्यवस्थित और असरदार बनता है.
मन को शांत और केंद्रित रखें : लगातार पढ़ाई करने से दिमाग थक जाता है, इसलिए मन को शांत रखना बेहद जरूरी है. हर 40–50 मिनट की पढ़ाई के बाद 5–10 मिनट का छोटा ब्रेक लें. इस दौरान गहरी सांस लें, आंखें बंद कर रिलैक्स करें या हल्की स्ट्रेचिंग करें. इससे दिमाग फिर से फ्रेश हो जाता है. तनाव और घबराहट पढ़ाई पर नकारात्मक असर डालती है. इसलिए खुद पर भरोसा रखें और शांत मन से रिविजन करें. शांत और केंद्रित दिमाग से पढ़ा हुआ लंबे समय तक याद रहता है.
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पाज़िटिव सोचें और अच्छा भोजन खाएँ : परीक्षा की तैयारी में मानसिक और शारीरिक सेहत दोनों का ध्यान रखना जरूरी है. नकारात्मक सोच और डर से पढ़ाई प्रभावित होती है, इसलिए हमेशा पॉजिटिव रहें. खुद से कहें कि आप कर सकते हैं. साथ ही संतुलित भोजन लें, जिसमें फल, हरी सब्जियां और पर्याप्त पानी शामिल हो. जंक फूड और बहुत ज्यादा चाय-कॉफी से बचें. पूरी नींद लेना भी उतना ही जरूरी है. अच्छी डाइट, पर्याप्त नींद और सकारात्मक सोच से याददाश्त मजबूत होती है और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन संभव होता है.
