Tnp desk- भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. यह याचिका जनसुराज पार्टी की ओर से दायर की गई है. 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में एक सीट भी नहीं जीत पाने वाली जनसुराज पार्टी अब सुप्रीम कोर्ट पहुंची है. आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का दुरुपयोग कर चुनाव में लाभ लेने की कोशिश की है. जिससे निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया प्रभावित हुई है. याचिका में कहा गया है कि सरकार ने आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद लगभग 35 लाख महिलाओं के खाते में दस हज़ार रुपए ट्रांसफर किया। नए लाभार्थियों को भी योजना से जोड़ा गया. यह नियम के खिलाफ है.
प्रशांत किशोर की पार्टी ने 242 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था
बता दें कि प्रशांत किशोर की पार्टी ने 242 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था. लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई. यह याचिका सुनवाई के लिए 6 फरवरी को सूचीबद्ध की गई है. सूत्रों के अनुसार याचिका में बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना पर सवाल उठाए गए हैं. जिसे बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लागू किया गया था. इस योजना के तहत नीतीश सरकार ने हर परिवार की एक महिला को स्वरोजगार के लिए दस -दस हज़ार ट्रांसफर करने का फैसला किया था. साथ ही मूल्यांकन के बाद और ₹2,00,000 देने का वादा किया गया था.
इस योजना का लाभ महिला स्वयं सहायता समूह नेटवर्क से जुड़ी महिलाओं को दिया जाना था. याचिका में आरोप लगाया गया है कि जिन महिलाओं को इस योजनाओं का लाभ मिला, उन्हें मतदान के दिन पोलिंग बूथ पर तैनात किया गया था. याचिका में कहा गया है कि इस योजना को केवल केबिनेट निर्णय से मंजूरी दी गई थी. विधानसभा के स्वीकृति नहीं ली गई थी. जनसुराज का दावा है कि इस योजना के लिए राशि राज्य के आकस्मिक कोष से निकाली गई , जो अनुच्छेद 267 का उल्लंघन हो सकता है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
