TNP DESK- बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर सस्पेंस कभी ठहर जाता है, कभी बढ़ जाता है, कभी किसी को कुर्सी पर बैठाने की मांग उठ जाती है, तो कभी नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहने की मांग तेज हो जाती है. कभी जदयू के एमएलसी कहते हैं कि नीतीश कुमार कहीं नहीं जा रहे हैं. वह बिहार के बेटा हैं, बिहार में ही रहेंगे। इधर, नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है. नालंदा में गुरुवार को समृद्धि यात्रा के दौरान तो कुछ गजब हो गया. नीतीश कुमार की सभा में उनके पुत्र निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठ गई. नारा लगा- जय निशांत- तय निशांत, समर्थकों ने 25 से 30 फिर से नीतीश- नारे की याद दिलाई।
क्यों कहा जा रहा नीतीश कुमार के बिना बिहार टुअर हो जाएगा
कहा गया कि नीतीश कुमार के बिना बिहार टुअर हो जाएगा। इसलिए वह दिल्ली नहीं जाएं, अगर जाते भी हैं तो निशांत कुमार को अपनी कुर्सी पर बैठा कर जायँ। गुरुवार को नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर अपने गृह जिला नालंदा पहुंचे थे. इस दौरान लगातार निशांत कुमार जिंदाबाद के नारे लगते रहे. यह बात भी सच है कि निशांत कुमार को लेकर जदयू में हलचल है. बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह पहले ही निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर चुके हैं. सांसद से विधायक कह रहे हैं कि निशांत कुमार को जो भी जिम्मेवारी मिलेगी, संभाल सकते हैं. नालंदा की सभा में तो स्थिति ऐसी हो गई कि पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा. नीतीश कुमार को मंच संभालते पर भी कोई शांत नहीं हुआ. कह रहे थे कि नीतीश कुमार के नाम पर विधानसभा में वोट दिए थे, अब वह दिल्ली क्यों जा रहे हैं? यहां तक कह दिया गया कि अगर दिल्ली जाना जरूरी है, तो निशांत कुमार को पहले अपनी कुर्सी पर बैठा कर जाएं,
जदयू के विधान पार्षद खालिद अनवर के बयान से और बढ़ गया सस्पेंस
इधर जदयू के विधान पार्षद खालिद अनवर ने एक बयान देकर सस्पेंस को और बढ़ा दिया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अभी कहीं नहीं जा रहे हैं. बिहार में मुख्यमंत्री पद की कोई वैकेंसी नहीं है. उन्होंने कहा कि जो लोग नीतीश कुमार को नहीं जानते हैं, वहीं उनके बिहार छोड़ने की बात कर रहे हैं. उनके इस बयान से सस्पेंस और बढ़ गया है. पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए खालिद अनवर ने कहा कि कौन कह रहा है कि नीतीश कुमार कहीं जा रहे हैं? नीतीश कुमार बिहार के बेटा हैं, अभी बिहार में हैं और बिहार में ही रहेंगे। जो लोग जाने की बात कह रहे हैं, वह नीतीश कुमार को ठीक से जानते नहीं हैं. जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि नीतीश कुमार तो अब सीएम की कुर्सी पर नहीं रहेंगे, क्योंकि राज्यसभा के मेंबर निर्वाचित हो चुके हैं. इस पर उन्होंने जवाब दिया नीतीश कुमार कुर्सी पर रहेंगे या नहीं रहेंगे, यह कहना जल्दबाजी होगी।
खालिद अनवर ने क्यों कहा -बिहार में सीएम की कोई वैकेंसी नहीं
खालिद अनवर ने कहा कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के नाम पर विकास के लिए वोट दिया है. नीतीश कुमार बिहार को आगे लेकर जा रहे हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे। यह तो नीतीश कुमार को ही तय करना है कि वह खुद सीएम की कुर्सी पर बैठकर काम करेंगे या एनडीए के किसी अन्य नेता को बैठाकर काम करवाएंगे, वैसे बिहार में सीएम की कोई वैकेंसी नहीं है. बता दें कि 20 सालों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए हैं. अभी वह मुख्यमंत्री के पद पर बने हुए हैं. नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के रूप में कई नाम की चर्चा हो रही है. इस बीच लगातार कई तरह के बयान आने से सस्पेंस कभी ठहरता तो कभी बढ़ जाता है. वैसे, बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भाजपा को अपने किसी नेता को बैठाने की जल्दबाजी है. भाजपा के कई नेताओं का नाम उछल रहा है. नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार भी राजनीति में आ गए हैं. जदयू में उनकी सक्रियता बढ़ गई है. वह लोगों से अपील कर रहे हैं कि पिता के कार्यों को घर-घर पहुंचा जाये। यह बताया जाए की 2005 के बाद से बिहार कैसे प्रगति की ओर आगे बढ़ा है. बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी फिलहाल "म्यूजिकल चेयर" बनी हुई है. देखना है आगे -आगे होता है क्या??
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो