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Bihar Politics: आरोपों का "बम" फोड़ने की अभी तो शुरुआत है, आगे और कितने फुटेंगे, देखने वाली बात होगी!

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 16, 2026, 8:08:00 PM

धनबाद(DHANBAD): चुनाव के पहले बिहार का यह हाल है तो चुनाव के समय क्या -क्या होगा,इसका अंदाज लगने शुरू हो गए है. केंद्रीय गृह मंत्री शुक्रवार को बिहार के सीतामढ़ी में पुरोधाधाम में 890 करोड़ की लागत से बनने वाले माता सीता के मंदिर और परिसर के समग्र विकास की योजनाओं का शिलान्यास किया.  इस मौके पर उन्होंने लालू प्रसाद, राहुल गांधी, तेजस्वी यादव को एसआईआर और ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर जमकर घेरा.  इधर ,आज ही जन सुराज  के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल पर बड़ा बम फोड़ा.  हालांकि, भाजपा ने प्रशांत किशोर से इसके सबूत मांगे है.  प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर दिल्ली में एक फ्लैट खरीदने  और महंगे दाम पर एंबुलेंस खरीदने का आरोप मड़  दिया. 

प्रशांत किशोर बोलना शुरू किया तो बोलते चले गए 
 
मंगल पांडे पर कभी कभार  निशाना साधने वाले प्रशांत किशोर ने शक्रवार को  कड़ा आरोप लगाया.  उन्होंने कहा कि कोरोना काल  में मंगल पांडे ने पत्नी उर्मिला पांडे के नाम पर दिल्ली के द्वारिका में एक फ्लैट ख़रीदा.  जिसके लिए बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पैसे दिए.  उनका आरोप है कि इसके बाद दिलीप जायसवाल के मेडिकल कॉलेज को सरकार ने डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया गया.  उन्होंने कहा कि कोरोना काल  में उर्मिला पांडे के नाम से  86 लाख में फ्लैट खरीदा गया.  इसके गवाह दिलीप जायसवाल बने थे. 

फ्लैट की खरीद में दिलीप जायसवाल से मदद का भी आरोप 

 इस फ्लैट की खरीद में दिलीप जायसवाल ने 25 लाख  रुपए दिए.  जो उन्होंने 6 अगस्त 2019 को मंगल पांडे के पिता अवधेश पांडे के खाते में भेजा है.  इस पैसे  को फिर मंगल पांडे के पिता ने उनकी पत्नी के खाते में भेजा.  प्रशांत किशोर का आरोप है कि  मंगल पांडे ने चुनावी एफिडेविट में पिता या दिलीप जायसवाल से कोई कर्ज लेने की घोषणा नहीं की है.  उन्होंने कहा कि 2019 तक दिलीप जायसवाल के मेडिकल कॉलेज को डिग्री देने का अधिकार नहीं था.  दूसरी  यूनिवर्सिटी के जरिए डिग्री दी जाती थी.  प्रशांत किशोर का आरोप है कि पैसा लेकर फ्लैट खरीदा गया और बदले में मेडिकल कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी बना दिया गया.  इतना ही नहीं, प्रशांत किशोर ने कहा कि 2022 में सरकार ने 1000 एंबुलेंस खरीदने का टेंडर जारी किया था.  एम्बुलेंस अधिक दाम देकर खरीदी गई . 

अधिक कीमत देकर एम्बुलेंस खरीदने का भी लगाया आरोप 
 
एक एंबुलेंस की कीमत साढ़े सात  लाख से अधिक दी गई.  प्रशांत किशोर का सवाल है कि  एंबुलेंस की कीमत कंपनी की साइट पर 21 लाख है.  उसे बिहार सरकार ने अधिक कीमत पर   क्यों खरीद हो रही है, जबकि बड़ी संख्या में खरीद हो रही है.  प्रशांत किशोर यही नहीं रुके, कहा कि बिहार में आयुष्मान कार्ड के तहत दिलीप जायसवाल के अस्पताल से सबसे अधिक निकासी हुई है.  प्रशांत किशोर के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया है.  आरोपो  पर सबूत की मांग करते हुए प्रशांत किशोर को मानहानि का मुकदमा करने की  चेतावनी दी गई है.  पार्टी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा है कि प्रशांत किशोर खुद राजनीतिक महत्वाकांक्षा से प्रेरित होकर जनसुराज  पार्टी चला  रहे हैं और आगामी चुनाव में बिहार के स्थिर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे है.  उन्होंने आज फिर एक बार भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडे पर आधारहीन आरोप लगाए है.  यह आरोप  पूरी तरह से राजनीतिक प्रेरित है और सच्चाई से कोसों दूर है. 

भाजपा ने किया प्रशांत किशोर पर पलटवार 

भाजपा प्रवक्ता का कहना है कि  मंगल पांडे के परिवार द्वारा दिल्ली में खरीदा गया फ्लैट पूरी तरह से पारदर्शी और वैध  तरीके से खरीदा गया है.  यह  उनके पिता अवधेश पांडे द्वारा अपनी बहू को दिए गए पारिवारिक धन से हुआ है.  जो चुनावी हलफनामे  में घोषित है.  दिलीप जायसवाल जी से किसी भी प्रकार की घूस या अनुचित सहायता का कोई सवाल ही नहीं उठता है.  यह आरोप  बिना किसी प्रमाण के लगाए जा रहे है.  प्रशांत किशोर इसके ठोस सबूत  दे , नहीं तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर  किया जाएगा.  आगे कहा गया है कि फरवरी 2022 में जारी टेंडर पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुआ था. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadBiharAropPratyaropPrashant Kishore

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