टीएनपी डेस्क : बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजश्वी यादव ने कड़ा हमला बोला है. उन्होंने पूछा है कि प्रधानमंत्री अब किसे शहजादा कहेंगें. तेजस्वी यादव ने कहा है कि सम्राट चौधरी कैबिनेट में तीन मंत्री ऐसे हैं, जो पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे हैं. इनमें नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन और जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्र शामिल हैं. तेजस्वी यादव ने कहा है कि हमें चिंता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब किसे शहजादा, राजकुमार और युवराज कहेंगें.
प्रधानमंत्री को अब बिहार के तीन पूर्व मुख्यमंत्री के बेटों को युवराज और शहजादा कहकर संबोधन करना पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और पंचायती राज्य मंत्री दीपक प्रकाश कुशवाहा बिना चुनाव लड़े या बिना एमएलसी बने या बिना विधायक बने सीधे मंत्री बन गए है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परिवारवाद के पोषक हैं. इसका जीता-जागता उदाहरण दे रहा हूँ कि कैसे वंशवाद की जड़ में 𝐏𝐌 खाद-पानी डाल परिवारवाद के संपोषक, संरक्षक और पालनहार बने हुए है. उन्होंने उदहारण दिया है और कहा है कि
𝟏. सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री, पिता- पूर्व मंत्री, माता- पूर्व विधायक, भाई- पूर्व विधायक प्रत्याशी, भाई- जेडीयू नेता
𝟐. विजय चौधरी उपमुख्यमंत्री - पिता- पूर्व विधायक
𝟑. निशांत कुमार मंत्री - पिता- पूर्व मुख्यमंत्री ( पिता 𝟐𝟐 साल से चुनाव ही नहीं लड़े है), बेटा भी बिना चुनाव लड़े, बिना किसी संघर्ष, सामाजिक राजनीतिक कार्यों में योगदान व बिना रुचि के सीधे 𝐖𝐢𝐥𝐝 𝐂𝐚𝐫𝐝 𝐄𝐧𝐭𝐫𝐲 से मंत्री)
𝟒. नीतीश मिश्रा मंत्री - पिता- पूर्व मुख्यमंत्री, चाचा- पूर्व मंत्री
𝟓. संतोष सुमन मंत्री - पिता- पूर्व मुख्यमंत्री, वर्तमान केंद्रीय मंत्री, पत्नी- विधायक, सास- विधायक, साढ़ू- दर्जा प्राप्त मंत्री
6 . दीपक प्रकाश मंत्री (बिना 𝐌𝐋𝐀-𝐌𝐋𝐂 बने) - पिता- सांसद-पूर्व मंत्री, माता- वर्तमान विधायक
𝟕. श्रेयसी सिंह मंत्री- पिता- पूर्व मंत्री, माता- पूर्व सांसद ,
𝟖. अशोक चौधरी मंत्री- पिता- पूर्व मंत्री, बेटी- वर्तमान सांसद
𝟗. सुनील कुमार मंत्री- पिता- पूर्व मंत्री, भाई- पूर्व सांसद
𝟏𝟎. रमा निषाद मंत्री- पति- पूर्व सांसद , ससुर - पूर्व केंद्रीय मंत्री
11 . शीला मंडल मंत्री - ससुर- पूर्व मंत्री, पूर्व राज्यपाल
𝟏𝟐. बुलो मंडल- मंत्री, पत्नी- पूर्व विधायक
𝟏𝟑. लेसी सिंह- मंत्री, पति- पूर्व जिला अध्यक्ष
𝟏𝟒. श्वेता गुप्ता मंत्री, पति- पूर्व लोकसभा प्रत्याशी (उनकी जाली सर्टिफिकेट वाला मामला सब जानते है)
𝟏𝟓. संजय टाइगर- मंत्री, भाई- पूर्व विधायक
𝟏𝟔. भगवान सिंह कुशवाहा- मंत्री, ससुर- वामपंथी नेता
𝟏𝟕. रामकृपाल यादव मंत्री- सुपुत्र- राजनीति में सक्रिय
शेष मंत्रियों के अधिकांश परिजन भी पंचायत से लेकर ऊपर तक जनप्रतिनिधि और राजनीति में सक्रिय हैं. कहा है कि हमें चिंता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब किसे शहजादा, राजकुमार और युवराज कहेंगे? बेचारे प्रधानमंत्री को अब मंत्रिमंडल में बिहार के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों नीतीश कुमार, जीतनराम मांझी और जगन्नाथ मिश्रा के बेटों की अब युवराज और शहज़ादा कहकर संबोधन करना पड़ेगा. प्रधानमंत्री जी के साथ बिहार में उनके गठबंधन में शामिल सभी पारिवारिक पार्टियां है- चाहे वो रामबिलास पासवान जी की पार्टी हो, नीतीश कुमार की पार्टी हो, जीतनराम मांझी की पार्टी हो या उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी हो। और उनकी ख़ुद की 𝐁𝐉𝐏 पार्टी हो- उन्होंने भी अधिकांश मंत्री परिवादी-वंशवादी ही बनाये है.