✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • News Update
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Trending

बड़ी खबर : धर्मांतरण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, धर्म परिवर्तन करने वालों को अब नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का दर्जा

BY -
Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: March 24, 2026, 5:22:57 PM

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देश में आरक्षण और धर्मांतरण को लेकर लंबे समय से बहस जारी रही है. कई मामलों में यह सवाल उठता रहा कि क्या धर्म बदलने के बाद भी व्यक्ति को अनुसूचित जाति (SC) का लाभ मिलना चाहिए. अब इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है, जिसने कानूनी स्थिति को काफी हद तक साफ कर दिया है. इस फैसले का असर न सिर्फ आरक्षण व्यवस्था पर पड़ेगा, बल्कि SC/ST एक्ट के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा पर भी होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने हालिया निर्णय में कहा है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म को छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह अनुसूचित जाति का दर्जा खो देगा. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रावधान संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के तहत तय किया गया है और यह पूरी तरह बाध्यकारी है.

कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस मनमोहन शामिल थे, ने कहा कि SC का दर्जा केवल तीन धर्मों—हिंदू, सिख और बौद्ध—के अनुयायियों तक सीमित है. यदि कोई व्यक्ति इन धर्मों के अलावा किसी अन्य धर्म में परिवर्तित होता है, तो उसका SC दर्जा स्वतः समाप्त माना जाएगा, चाहे उसका जन्म किसी भी जाति में हुआ हो.

यह फैसला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एक पुराने निर्णय को बरकरार रखते हुए दिया गया है. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ईसाई धर्म अपनाने के बाद व्यक्ति अपनी मूल जातिगत पहचान खो देता है, क्योंकि इस धर्म में जाति व्यवस्था को मान्यता नहीं दी जाती. सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को सही ठहराते हुए कहा कि धर्मांतरण के बाद पुराना SC सर्टिफिकेट कानूनी रूप से मान्य नहीं रहेगा.

मामले में यह भी सामने आया कि संबंधित व्यक्ति लंबे समय से पादरी के रूप में कार्य कर रहा था और उसने अपने मूल धर्म में वापसी नहीं की थी. कोर्ट ने इसे स्पष्ट संकेत माना कि वह अब नए धर्म का पालन कर रहा है, इसलिए उसे SC का लाभ नहीं दिया जा सकता. इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि धर्म परिवर्तन का सीधा असर आरक्षण और कानूनी संरक्षण पर पड़ेगा. जो लोग इस्लाम या ईसाई धर्म अपनाते हैं, वे SC वर्ग के तहत मिलने वाली सुविधाओं, जैसे सरकारी नौकरियों में आरक्षण और शिक्षा में विशेष लाभ, का दावा नहीं कर सकेंगे. कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय आरक्षण नीति और धर्मांतरण से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण दिशा तय करता है, जो आने वाले समय में कई मामलों की आधारशिला बन सकता है.

Tags:supreme courtsuprem court big decisionsupreme court big descision on religious conversionreligious conversion newsreligious conversion latest newsbig newstop newslatest news

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.