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BIG BREAKING : देवघर पुलिस ने सांसद मनोज तिवारी और निशिकांत के खिलाफ दर्ज किया केस, बाबा मंदिर में अनुशासन बिगाड़ने का आरोप

BY -
Vinita Choubey  CE
Vinita Choubey CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 18, 2026, 9:56:59 PM

टीएनपी डेस्क (TNP DESk) : भाजपा नेता मनोज तिवारी और गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे के मुश्किलें बढ़ सकती है. क्योंकि बैद्यनाथ मंदिर में श्रावणी मेले के दौरान वीवीआईपी दर्शन और गर्भगृह में पर रोक के बावजूद भाजपा नेता मनोज तिवारी और निशिकांत दूबे से सारे प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए मंदिर की गर्भगृह में एंट्री की थी. अब उस मामले में पंडा धर्म रक्षिणी के पूर्व महामंत्री कार्तिकनाथ ठाकुर ने एफआईआर दर्ज करा दिया है.

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल 2 अगस्त 2025 (शनिवार) को सुल्तानगंज से देवघर तक 105 किलोमीटर लंबी कांवर यात्रा पूरी कर मनोज तिवारी देवघर पहुँचे. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे भी दुम्मा बॉर्डर पर इस यात्रा में शामिल हुए. मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के नियमों के मद्देनजर मनोज तिवारी को मंदिर में लगे अरघा में जल चढ़ाना था, लेकिन जब वे मंदिर परिसर में पहुंचे तो आम लोगों के लिए दर्शन बंद था. ऐसे में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी शक्ति का इस्तेमाल करते हुए भाजपा सांसद के लिए वीवीआईपी दर्शन की व्यवस्था करवाई. पंडा धर्मरक्षिणी महासभा के पूर्व महासचिव कार्तिक नाथ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि निशिकांत दुबे ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर मंदिर परिसर में अराजकता पैदा की और भारी विरोध के बावजूद मनोज तिवारी को वीवीआईपी दर्शन कराया.

इतना ही नहीं जब मंदिर में बाबा को जल चढ़ाना बंद हो गया था, तब पंडा समाज के लोग पूजा भी कर चुके थे, अंत में बाबा को जो कच्चा जल चढ़ाया जाता है, वह पहले ही चढ़ाया जा चुका था, इसके बावजूद मनोज तिवारी को वीवीआईपी दर्शन कराया गया. वह भी निकास द्वार से. वहां मौजूद कांवरियों ने इसका विरोध किया, फिर भी भाजपा सांसद मनोज तिवारी को वीवीआईपी दर्शन कराया गया. इस संबंध में एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें मनोज तिवारी निकास द्वार से मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते नजर आ रहे थे.

जानिए क्या है FIR में 

श्रावणी मास के दौरान बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल कांवर यात्रा की. इसी महीने की 2 तारीख को वह देवघर पहुंचे थे. रास्ते में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे भी उनके साथ रहे. दोनों सांसदों के अलावा निशिकांत के बेटे कनिष्कान्त, पीए शेषाद्रि दुबे, मनोज तिवारी के पीए समेत अन्य लोग कांवरिया पथ से होते हुए बाबा मंदिर पहुंचे. रात 8:45 से 9 बजे के बीच तीर्थ पुरोहितों द्वारा बाबा मंदिर के गर्भगृह में शाम का कांचा जल चढ़ाया जा रहा था. इसी बीच गर्भगृह के निकास द्वार पर हंगामा शुरू हो गया. गर्भगृह के पास मौजूद पंडा, धर्म रक्षिणी सभा के पूर्व महासचिव सह झारखंड प्रदेश आदित्य वाहिनी के महासचिव कार्तिकनाथ ठाकुर हंगामा सुनकर निकास द्वार पर पहुंचे. उन्होंने देखा कि सांसद निशिकांत दुबे, मनोज तिवारी, निशिकांत दुबे के पुत्र, दोनों सांसदों के पीए और देवघर के कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने निकास द्वार पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की और जबरन गर्भगृह में प्रवेश कर पूजा की और फिर सभी वहां से चले गए. कार्तिकनाथ ठाकुर ने बाबा मंदिर थाने में इसकी लिखित शिकायत की. उन्होंने आरोप लगाया है कि जब सावन माह में मंदिर में किसी प्रकार का कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलता है तो फिर वे लोग मनिकास गेट से धक्का-मुक्की कर कैसे प्रवेश कर गए. जबरन प्रवेश के समय मंदिर परिसर में भगदड़ जैसा माहौल हो गया था.

श्रद्धालुओं के साथ कोई भी अप्रिय घटना घट सकती थी. सांसदों द्वारा जबरन प्रवेश कर पूजा करने से पूजा बाधित हुई और व्यवधान भी हुआ. कार्तिकनाथ ठाकुर की शिकायत पर बाबा मंदिर थाने में सात अगस्त को मामला दर्ज किया गया है. सभी आरोपियों पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें जानबूझकर धार्मिक पूजा में बाधा डालना, शांति भंग करने वाले कृत्य, लोक सेवक पर हमला, दूसरों की जान या सुरक्षा को खतरे में डालने समेत कई आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. कांड संख्या 4/25 में धारा 52/54/56/57/59/61/125/127/132/135/189(1)ए/190/195(1)/196(1)बी/221/292/298 व 300 बीएनएस लगाया गया है. अब सवाल उठता है कि जब जबरन घुसने का प्रकरण 2 अगस्त को हुआ तो 7 अगस्त को शिकायत और उसी दिन मामला दर्ज का कारण क्या हो सकता है यह समझ से परे है.

रिपोर्ट-ऋतुराज सिन्हा

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